-सुप्रीम कोर्ट की बनाई जांच समिति के निर्देश पर आवास विकास परिषद और ग्रेनो प्राधिकरण ने शुरू की प्रक्रिया
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। सेक्टर पाई-1 व 2 स्थित शिवकला चार्म्स सोसाइटी का प्रोजेक्ट पूरा होने का 22 साल से इंतजार कर रहे खरीदारों को राहत की उम्मीद जगी है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित जस्टिस पंकज नकवी जांच समिति ने पीड़ित खरीदारों को अपने दावों के भौतिक और डिजिटल सत्यापन का अंतिम अवसर दिया है। खरीदार 12 से 14 अक्तूबर 2026 तक उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद के वसुंधरा, गाजियाबाद स्थित कार्यालय में अपने दावे प्रस्तुत कर सकेंगे। सत्यापन की प्रक्रिया सुबह 10 से शाम चार बजे तक होगी।
प्राधिकरण के मुताबिक, समिति की सातवीं बैठक 24 सितंबर 2026 को हुई थी। इसमें तय किया गया कि जिन खरीदारों ने अब तक दावा प्रस्तुत नहीं किया है या जिनके दस्तावेज अधूरे हैं, उन्हें अंतिम मौका दिया जाए। दावेदारों को भुगतान के साक्ष्य के साथ आवंटन पत्र, बैंक भुगतान रसीद और शपथ पत्र जमा करना होगा। इसके अलावा बैंक ऑफ बड़ौदा में जमा 10 हजार रुपये शुल्क की रसीद भी संलग्न करनी होगी। दस्तावेजों की हार्ड कॉपी के साथ सॉफ्ट कॉपी ईमेल के माध्यम से भेजना अनिवार्य है।
बहुमंजिला आवासीय परियोजना के रूप में विकसित होने वाली शिवकला चार्म्स में सैकड़ों परिवार लंबे समय से फंसे हैं। वर्ष 2004 में करीब 10 हजार वर्गमीटर के भूखंड पर प्रस्तावित इस परियोजना को लेकर बिल्डर के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हैं। वर्ष 2017 में पीड़ित खरीदारों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।
इनसेट- एक फ्लैट दो-तीन परिवारों को बेचने का आरोप
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने सेक्टर पाई-2 स्थित प्लॉट नंबर-7 को गोल्फ कोर्स सहकारी आवास समिति लिमिटेड को आवंटित किया था। समिति ने ग्रुप हाउसिंग परियोजना के निर्माण और बिक्री के लिए शिवकला डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड से करार किया था। आरोप है कि 140 स्वीकृत फ्लैटों के मुकाबले 300 से अधिक परिवारों को फ्लैट बेच दिए गए। एक-एक फ्लैट दो से तीन परिवारों को बेचे जाने का भी मामला सामने आया था।