संभल। शिक्षक दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेसिक, माध्यमिक के राजकीय, एडेड, सेल्फ फाइनेंस के सभी शिक्षकों को कैशलेश उपचार की सुविधा देने की घोषणा की। इस घोषणा से सबसे ज्यादा शिक्षामित्र उत्साहित हैं। उनका कहना है कि लंबे समय के बाद सरकार ने शिक्षामित्रों की बात को समझा है। सरकार के इस कदम की सराहना करते हुए प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के जिला प्रवक्ता रविंद्र खारी ने बताया कि जिस तरह से कमेटी बनी हुई है, उससे उम्मीद है कि जल्द ही अब मानदेय भी बढ़ जाएगा। बताया कि आठ साल से वह मानदेय बढ़ने की बाट जोह रहे हैं। इस अवधि में आर्थिक स्थिति भी कमजोर हो गई। 000000
यह बोले शिक्षामित्र
लंबे समय से मानदेय बढ़ोत्तरी की मांग कर रहे थे। आठ साल से शिक्षक दस हजार रुपये में गुजारा करने को मजबूर हैं। कैशलेस उपचार संग मानदेय बढ़ाने की घोषणा से अब शिक्षामित्र और अनुदेशक के परिवार में खुशियों की लहर आएगी।
-रविंद्र खारी, जिला प्रवक्ता, शिक्षामित्र संघ, संभल
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मुख्यमंत्री के इस निर्णय से शिक्षामित्र को उम्मीद जगी है। अभी तक मुख्यमंत्री शिक्षामित्र से नाराज थे। अब 8 साल बाद घोषणा की है। इससे हमें कुछ आर्थिक लाभ मिलेगा। शिक्षामित्र के उज्जवल भविष्य की उम्मीद मुख्यमंत्री से अब लगाए हुए हैंं।
-मुनेश कुमार यादव, ब्लाॅक अध्यक्ष, बहजोई
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महंगाई को देखते हुए मानदेय बहुत कम था। हमें उम्मीद है कि मुख्यमंत्री समान कार्य समान वेतन के बराबर हमको मानदेय देने की घोषणा करेंगे। शिक्षामित्र सरकार से बहुत उम्मीद लगाए बैठे हैं। शासन को शीघ्र ही इस पर काम करना चाहिए।
-गिरीश यादव, जिलाध्यक्ष, उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ, संभल
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सीएम ने इस घोषणा करने में बहुत देर कर दी। आठ वर्ष बीत गए हैं। कम से कम मानदेय 40 हजार रुपये किया जाए, ताकि आठ वर्ष में हमारी जो आर्थिक स्थिति कमजोर हुई, उसमें कुछ सुधार आए।
-राजवती, संभल ब्लॉक प्रभारी