स्पोर्ट्स स्टेडियम बना खिलाड़ियों के सपनों को उड़ान देने का केंद्र
शाहजहांपुर का स्पोर्ट्स स्टेडियम अब जिले के खिलाड़ियों के लिए आधुनिक खेल सुविधाओं का प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है। यहां लगातार खेल अधोसंरचना का विकास किया जा रहा है, जिससे खिलाड़ियों को अपने ही जिले में बेहतर प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं की तैयारी का अवसर मिल रहा है।
अमर उजाला की टीम ने इस संबंध में स्थानीय लोगों और अधिकारियों से बातचीत की। जिला खेल अधिकारी सुरेंद्र पाल बामनिया ने बताया कि स्टेडियम में कई महत्वपूर्ण विकास कार्य चल रहे हैं। बैडमिंटन हॉल और स्विमिंग पूल का निर्माण प्रगति पर है, जबकि 400 मीटर का सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा कबड्डी के लिए आधुनिक इंडोर हॉल का निर्माण हो चुका है। खिलाड़ियों और दर्शकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्टेडियम परिसर में सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं।
उन्होंने बताया कि इन सुविधाओं का सबसे बड़ा लाभ जिले के खिलाड़ियों को मिल रहा है। पहले खेल ट्रायल और बेहतर अभ्यास के लिए खिलाड़ियों को लखनऊ जैसे बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था, लेकिन अब अधिकांश सुविधाएं शाहजहांपुर में ही उपलब्ध हैं। एथलेटिक्स सहित विभिन्न खेलों की तैयारी करने वाले बच्चे अब अपने जिले में ही उच्च स्तर का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। स्थानीय निवासी सतेंद्र मिश्रा ने बताया कि पहले जिले में ऐसी खेल सुविधाएं नहीं थीं। अब स्टेडियम के विकास से बच्चों को आगे बढ़ने का अवसर मिला है और वे खेलों में बेहतर प्रदर्शन कर जिले का नाम रोशन कर रहे हैं।
हनुमत धाम के जीर्णोद्धार से धार्मिक पर्यटन को मिली नई पहचान
शाहजहांपुर का विश्वप्रसिद्ध हनुमत धाम अब धार्मिक आस्था के साथ-साथ पर्यटन का भी प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। बीते कुछ वर्षों में यहां कराए गए विकास कार्यों ने श्रद्धालुओं की सुविधाओं में उल्लेखनीय वृद्धि की है, जिससे दूर-दराज़ से आने वाले भक्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। मुख्य पुजारी हरी मोहन बाजपेई ने बताया कि मंदिर परिसर का व्यापक जीर्णोद्धार किया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए घाट का निर्माण कराया गया है, जिससे परिसर पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित और आकर्षक दिखाई देता है।
श्रद्धालु राम विलास यादव ने बताया कि वह पिछले पांच वर्षों से हनुमत धाम आ रहे हैं। उनके अनुसार, यहां हुए विकास कार्यों से मंदिर का स्वरूप पूरी तरह बदल गया है और अब यहां घूमने व दर्शन करने का अनुभव पहले से कहीं अधिक सुखद हो गया है।
श्रद्धालु अभय शुक्ल ने कहा कि हनुमत धाम में आयोजित धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम बड़े स्तर पर संपन्न होते हैं। रिवर फ्रंट के निर्माण के बाद यहां पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे यह स्थान धार्मिक पर्यटन का महत्वपूर्ण केंद्र बन गया है। वहीं श्रद्धालु मनोज ने बताया कि वह अक्सर अपने परिवार के साथ यहां आते हैं। उनके अनुसार, पहले की तुलना में यहां काफी सकारात्मक बदलाव हुए हैं। अतिरिक्त पुल का निर्माण और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर व्यवस्थाओं ने हनुमत धाम की पहचान को और मजबूत किया है।
ODOP से स्थानीय कारोबार को कितना फायदा पहुंचा?
शाहजहांपुर में जरदोजी को ओडीओपी (वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट) योजना के तहत चयनित किए जाने के बाद स्थानीय कारोबार को नई पहचान और गति मिली है। इस योजना से जिले के जरदोजी उद्योग को देश-विदेश में पहचान मिली है और कारोबार का दायरा भी बढ़ा है। उद्यमी यासीन ने बताया कि ओडीओपी योजना के बाद जरी-जरदोजी की पहचान वैश्विक स्तर पर बनी है। लखनऊ और हैदराबाद समेत कई शहरों से लगातार ऑर्डर मिल रहे हैं। पहले उनके यहां 10-15 कारीगर काम करते थे, जबकि अब 60-70 कारीगर रोजगार पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले कारीगर दूसरे शहरों में काम करने चले जाते थे, लेकिन ओडीओपी योजना के बाद उन्हें स्थानीय स्तर पर ही पर्याप्त काम मिलने लगा है, जिससे उनका पलायन भी रुका है। जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि ओडीओपी योजना के तहत उद्यमियों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई गई है। इससे उद्योगों का विस्तार हुआ है, उत्पादन क्षमता बढ़ी है और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं।
सैटेलाइट बस अड्डे से कितना बदला हालात
स्थानीय निवासी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि सैटेलाइट बस अड्डा बनने से क्षेत्र के लोगों को काफी सुविधा मिली है। इससे करीब 25-30 गांवों के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। पहले पुराने बस अड्डे पर अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती थी, लेकिन अब नए बस अड्डे के शुरू होने से यातायात का दबाव कम होगा और जाम से राहत मिलेगी।
अनिल कुमार सिंह ने बताया कि सैटेलाइट बस अड्डा नेशनल हाईवे के किनारे बनाया गया है। इससे यात्रियों को शहर के भीतर नहीं जाना पड़ता, जिससे समय की बचत होती है और शहर के ट्रैफिक जाम से भी निजात मिलती है। जिलाधिकारी ने बताया कि पुराने बस अड्डे का आधुनिकीकरण किया गया है। वहीं, जो बसें दूसरे जिलों और राज्यों से आती हैं तथा बाहर जाती हैं, उनके संचालन के लिए सैटेलाइट बस अड्डा विकसित किया गया है। इससे यात्रियों की सुविधा बढ़ेगी और शहर की यातायात व्यवस्था भी बेहतर होगी।