शाहबेरी : ईडी को भेजा अधिसूचना से कुर्की तक का चिट्ठा
ग्रेटर नोएडा। शाहबेरी के संबंध में मांगी गई जानकारियां शिकायतकर्ता खरीदारों ने ई-मेल के माध्यम से प्रवर्तन निदेशालय लखनऊ के अधिकारियों के भेज दीं हैं। ईडी को खरीदारों ने शाहबेरी की भूमि को प्राधिकरण के वर्ष 1994 में अधिसूचित किए जाने से अगस्त 2020 में पुलिस द्वारा की गई गैंगस्टर एक्ट के तहत बिल्डरों पर कुर्की की कार्रवाई का चिट्ठा भेजा है। ईडी को अवैध भवनों पर किए गए होमलोन, रजिस्ट्री और भूमि उपयोग के प्रकार आदि से अवगत कराया गया है।
शिकायतकर्ता खरीदार सचिन राघव ने बताया कि उन्होंने अन्य खरीदारों के साथ मिलकर सीबीआई और ईडी से जांच की मांग के लिए केंद्र और यूपी सरकार के विभिन्न विभागों और आला अधिकारियों को पत्र लिखे थे। उन्हें पांच रिमाइंडर के बाद गृह मंत्रालय दिल्ली से तीन बार जवाब मिला। जिसमें अवगत कराया गया कि प्रकरण में जांच के लिए प्रदेश के संबंधित विभाग व प्रवर्तन निदेशालय के लखनऊ कार्यालय को निर्देशित किया गया है। इसके बाद ईडी के अधिकारियों ने सचिन से संपर्क साधा। वहीं, खरीदार शिकायत कर्ताओं का कहना है कि ईडी शाहबेरी केस में आर्थिक अपराध की जांच करेगी। इसलिए वह सीबीआई जांच की मांग भी जारी रखेंगे।
होमलोन की रकम और एफआईआर की फर्द बनेगी ईडी की जांच का अधिकार
ईडी या सीबीआई किसी भी केस की जांच अपने हाथ में लेने से पहले उसके संबंध में बारीकि से जांच करती है। ईडी केस में गबन, फर्जीवाड़े, धोखाधड़ी या अन्य अवैध ढंग से अर्जित राशि और पुलिस व सीबीआई के दर्ज किए गए केस को जांच का आधार बनाती है। शाहबेरी केस में अवैध भवनों पर किए गए होमलोन, प्राधिकरण अधिकारियों द्वारा दर्ज कराए गए केस की फर्द जिसमें जनता से ठगी की बात लिखी गई है। जो ईडी की जांच आधार बन सकती है। ईडी के अधिकारी केस की एफआईआर व अन्य जानकारियों का अध्ययन व अवलोकन करेंगे। ईडी को अपने स्तर का केस नहीं लगा तो वह शिकायतकर्ता और गृह मंत्रालय को अवगत कराकर केस की जांच से हाथ भी खींच सकती है।
ईडी को भेजी गई जानकारी
- 21 फरवरी 1994 : शाहबेरी की भूमि को ग्रेनो प्राधिकरण ने किया अधिसूचित
- 21 जून 2013 : यूपी सरकार ने 157.96 हेक्टेअर भूमि का किया अधिग्रहण
- 16 अक्तूबर 2014 : हाईकोर्ट ने स्थगनादेश जारी
- 17 फरवरी 2018 : दो अवैध भवन ढहे, मलबे में दबकर नौ लोगों की जान गई।
- अगस्त 2020 : गैंगस्टर बिल्डरों की संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई।
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शाहबेरी एक नजर में
ऊंचे अवैध भवन - 500
दो-तीन मंजिला - 1500
फ्लैट खरीदार -7000
होमलोन - 1400 करोड़
किस्त रोकी - 60 खरीदार
प्राधिकरण की एफआईआर - 81
खरीदारों की एफआईआर- 02
नोट - यह आंकड़े लगभग में हैं और ईडी को शिकायतकर्ता द्वारा भेजी गई ई-मेल पर आधारित हैं।
पुलिस कर रही है कड़ी कार्रवाई : डीसीपी
पुलिस सभी केसों की गहनता से जांच कर कड़ी कार्रवाई कर रही है। बिल्डरों पर गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई कर उनकी संपत्ति कुर्क की जा रही है। किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। ईडी ने अभी पुलिस से संपर्क नहीं किया है, अगर कोई जानकारी मांगी जाएगी तो उपलब्ध करा दी जाएगी। - हरीश चंदर, डीसीपी सेंट्रल नोएडा