-अदालत ने दोषी पर 23 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश आशीष कुमार चौरसिया की अदालत ने अपहरण और छेड़छाड़ के मामले में आरोपी कपिल निवासी बिजनौर को दोषी करार दिया है। अदालत ने आरोपी को छह वर्ष की सजा सुनाई है। दोषी पर 23 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। मामला थाना सेक्टर-49 नोएडा में दर्ज है। जिसमें वादी ने 20 नवंबर 2015 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी पुत्री 19 नवंबर 2015 की सुबह सेक्टर-39 स्थित एक डिग्री कॉलेज पढ़ने गई थी। शाम को घर वापस नहीं लौटी। अपहरण की आशंका जताते हुए थाने में तहरीर दी गई। इस पर पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की थी।
पुलिस ने कपिल और एक बाल अपचारी के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। बाद में तत्कालीन पीठासीन अधिकारी ने नाबालिग को घटना के समय नाबालिग घोषित करते हुए उसकी पत्रावली किशोर न्याय बोर्ड को भेज दी थी। एडीजीसी अपराध नितिन त्यागी का कहना है कि अभियोजन पक्ष की ओर से कुल चार गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। पीड़िता ने अदालत में बताया कि वह कॉलेज से वापस घर के लिए निकली थी। तभी सेक्टर-71 चौराहे पर पहले से परिचित कपिल ने उसे कार में जबरदस्ती बैठा लिया और देहरादून ले गया। जहां वह एक सप्ताह तक रही। अदालत ने पीड़िता के बयानों के आधार पर पाया कि आरोपी द्वारा बलपूर्वक अपहरण किए जाने और छेड़छाड़ की घटना साबित होती है। हालांकि दुष्कर्म के आरोप पर अदालत ने गंभीर विसंगतियां पाईं। पीड़िता ने दुष्कर्म का कोई जिक्र नहीं किया था। अदालत ने आरोपी कपिल को धारा-366 के तहत छह वर्ष के कारावास की सजा सुनाई।