फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Noida News: कम उम्र में शादी के लिए समाज को कहें न, पढ़कर देश का नाम करें रोशन

विज्ञापन
विज्ञापन
फोटो
विज्ञापन

-जेवर के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में अमर उजाला अपराजिता कार्यक्रम का आयोजन
माई सिटी रिपोर्टर
यमुना सिटी। जेवर स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में बृहस्पतिवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से अपराजिता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान जेवर ब्लॉक शिक्षा की नोडल अधिकारी और मास्टर ट्रेनर अनामिका शर्मा ने छात्राओं को बताया कि उनके सपने पढ़ाई से ही पूरे हो सकते हैं। शिक्षा ग्रहण करने के बाद कम उम्र में यदि समाज भी शादी के लिए कहें तो उन्हें न कहें। लगन के साथ शिक्षा ग्रहण करें और अपने सपने को पूरा करें। इस मौके पर फिजिकल ट्रेनर ने छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर भी सिखाए।

जेवर के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में कक्षा छह से आठ तक करीब 75 छात्राएं कार्यक्रम में सम्मिलित रहीं। मास्टर ट्रेनर अनामिका शर्मा ने छात्राओं से उनके शिक्षण के बारे में जानकारी ली। उन्होंने छात्राओं को बताया कि समय का सदुपयोग करते हुए स्कूल के समय के अलावा सेल्फ स्टडी सबसे अधिक जरूरी है। इसके अलावा मोबाइल और सोशल मीडिया से दूर रहकर फिजिकल खेलों को खेलने पर जोर दिया।
विज्ञापन

रेगुलर शिक्षा के साथ, परीक्षा की तैयारी और परीक्षा के दौरान उत्तर लिखने के तरीके भी बताए, जिससे अधिक नंबर हासिल किए जा सके। इस दौरान उन्होंने छात्राओं को प्रेरित करते हुए उनसे भविष्य में क्या बनना चाहती हैं, उनके सपनों के बारे में जाना। बड़ी संख्या में छात्राओं आईपीएस, आईएएस और डॉक्टर बनने की बात कही। उन्होंने कहा कि नियम और समय के पाबंद होकर पढ़ाई करने से छात्राएं अपने सपने को पूरा कर सकती हैं। इस दौरान एआरपी सारिका गोयल, वार्डन अंजना सिंह और स्टाफ से पूनम, अरुणा देवी, किरण, वर्षा पाल, सीमा और मंजू यादव मौजूद रहीं।
छात्राओं को सिखाए आत्मरक्षा के गुर : अपराजिता कार्यक्रम के अंतर्गत जेवर ब्लॉक शिक्षा के लिए फिजिकल प्रशिक्षक सीमा ने छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाए। उन्होंने छात्राओं को सिखाया कि यदि उनपर कोई हमला करता है तो उसका किस तरह से जवाब दिया जा सकता है। उन्होंने बताया कि शारीरिक बल में कमी होने के बावजूद कुछ ऐसे पैतरें होते हैं, जिनका उपयोग कर हमला नाकाम किया जा सकता है। साथ ही साथ कुछ देर के लिए हमला करने वाला ऐसे पैंतरे से अचंभित हो जाता है।
विज्ञापन

नृत्य नाटिका के जरिए बेटियों की शिक्षा काे उपयोगी बताया : अपराजिता कार्यक्रम के अंतर्गत कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की छात्राओं ने एक सुंदर नृत्य नाटिका प्रस्तुत की। उन्होंने नाटिका में दर्शाया कि समाज और परिवार कम उम्र में बेटी की शादी की चिंता करते हैं और पढ़ाई को गैरजरूरी समझते हैं लेकिन बेटी के पढ़ने के जज्बे को देखकर उसके पिता आखिरकार उसकी इच्छा को मानते हुए पढ़ने के लिए मान जाते हैं। कार्यक्रम में मौजूद मास्टर ट्रेनर, फिजिकल प्रशिक्षिका और अन्य शिक्षिकाओं ने नृत्य नाटिका की जमकर तारीफ की।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें