-कोर्ट ने कहा, जमानत में अपराध की गंभीरता नहीं, किशोर का हित देखना जरूरी
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। बाल न्यायालय ने नाबालिग का अपहरण और दुष्कर्म से जुड़े एक मामले में किशोर न्याय बोर्ड का आदेश रद्द कर दिया। बोर्ड ने सेक्टर-63 थाने में दर्ज पॉक्सो एक्ट के मामले में आरोपी किशोर की जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। कोर्ट ने किशोर को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।
थाना सेक्टर-63 में मामला दर्ज है। आरोपी को 29 सितंबर को बोर्ड ने किशोर घोषित किया था। बोर्ड ने 6 अक्तूबर को उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। इसके खिलाफ उसने किशोर न्याय अधिनियम के तहत अपील दायर की थी। आरोपी के अधिवक्ता ने दलील दी कि बोर्ड ने बिना विचार किए आदेश पारित किया। रिकॉर्ड में ऐसा कोई साक्ष्य नहीं है कि रिहाई पर किशोर अपराधियों के संपर्क में आएगा। किशोर को झूठा फंसाया गया है और वह बाल संप्रेक्षण गृह में बंद है। उसकी मां ने शपथपत्र देकर उसे अपनी देखरेख में रखने और बेहतर शिक्षा दिलाने का भरोसा दिया था। कोर्ट ने पाया कि जिला परिवीक्षा अधिकारी की सामाजिक अन्वेषण रिपोर्ट में किशोर के खिलाफ कोई प्रतिकूल तथ्य नहीं है। कोई अन्य मामला दर्ज नहीं है। इन तथ्यों के आधार पर कोर्ट ने इसे किशोरावस्था के आकर्षण का मामला मान कोर्ट ने किशोर को जमानत दी है।