- ट्रेडिंग के नाम पर बुजुर्ग से 59 लाख उड़ाएख, बिजनेस ई-मेल से छेड़छाड़ कर दवा कंपनी से 29.91 लाख रुपये हड़पे
- फर्जी शेयर ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर मुनाफे का लालच देकर रिटायर कर्मचारी को बनाया शिकार
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। साइबर जालसाजों ने फर्जी ई-मेल के जरिए दवा कंपनी से 20.91 लाख रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए, वहीं दूसरी ओर शेयर ट्रेडिंग में मोटे मुनाफे का झांसा देकर 65 वर्षीय रिटायर कर्मचारी से 59 लाख रुपये की ठगी कर ली। दोनों मामलों में सेक्टर-56 साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पहले मामले में सेक्टर-136 स्थित कैनिक्सा लाइफ साइंसेज प्राइवेट लिमिटेड के अधिकृत प्रतिनिधि संजीव कुमार हमरोल ने शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी नियमित रूप से एक दवा आपूर्तिकर्ता कंपनी से कच्चा माल खरीदती है। इसी दौरान साइबर ठगों ने सप्लायर की पहचान का इस्तेमाल करते हुए फर्जी ई-मेल भेजा। ई-मेल में नया बैंक खाता बताते हुए भुगतान उसी खाते में करने को कहा गया। कंपनी ने ई-मेल को सही मानते हुए दो किस्तों में कुल 20.91 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में जब वास्तविक सप्लायर से भुगतान की पुष्टि की गई तो पता चला कि न तो उसने ऐसा कोई ई-मेल भेजा था और न ही बैंक खाता बदला था। इसके बाद राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गई।
दूसरा मामला सेक्टर-76 स्थित जेएम ऑर्किड सोसाइटी का है। यहां रहने वाले 65 वर्षीय रिटायर कर्मचारी को जनवरी में एक व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ा गया। खुद को नामी स्टॉक ब्रोकिंग कंपनी का प्रतिनिधि बताने वाले लोगों ने दावा किया कि वे सेबी से पंजीकृत हैं और ऑनलाइन ट्रेडिंग के जरिए कम समय में बड़ा मुनाफा दिला सकते हैं। पीड़ित से एक मोबाइल ऐप पर पंजीकरण कराया गया और शुरुआत में खाते में लाभ भी दिखाया गया। इसके बाद साइबर ठगों ने अलग-अलग बैंक खातों में कई किस्तों में निवेश के नाम पर रकम जमा कराई। पीड़ित ने 10 से अधिक बार में करीब 59 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। डीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने बताया कि साइबर पुलिस बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल लेनदेन की जांच कर रही है।
ऐसे बचें साइबर ठगी से
- किसी भी सप्लायर या कारोबारी साझेदार के बैंक खाते में बदलाव संबंधी सूचना केवल ई-मेल के आधार पर स्वीकार न करें। भुगतान से पहले फोन या वीडियो कॉल पर पुष्टि अवश्य करें।
- व्हाट्सऐप, टेलीग्राम या सोशल मीडिया पर बने ट्रेडिंग और निवेश ग्रुपों पर भरोसा न करें।
- केवल सेबी से अधिकृत और सत्यापित निवेश प्लेटफॉर्म का ही उपयोग करें।
- ओटीपी, बैंक विवरण, पासवर्ड या अन्य गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
- यदि निवेश पर असामान्य रूप से अधिक मुनाफे का दावा किया जाए तो उसे संदेह की नजर से देखें।
- साइबर ठगी का संदेह होते ही तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें।