-खेल मैदान समेत पार्कों के अभाव में जी रहे ग्रामीण
-अमर उजाला संवाद में लोगों ने बताईं समस्याएं
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। कई साल पहले सिर्फ कुछ हजार ग्रामीणों के लिए डाली गई पाइपलाइन वर्तमान की लाखों की जनसंख्या के आगे नाकाफी रही। ऐसे में अब सीवर लाइन जगह जगह से जमीन के अंदर ही क्षतिग्रस्त हो चुकी है, ऐसे में ग्रामीणों का दावा है कि भूजल दूषित होता जा रहा है। इसके अलावा बारात घरों में मेंटेनेंस से लेकर खेल मैदान और पार्कों के अभाव जैसी समस्याएं व्याप्त हैं।
सेक्टर 44 स्थित छलेरा गांव में ग्रामीणों संग मंगलवार को अमर उजाला संवाद का आयोजन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि यहां पर करीब 90 के दशक के दौरान सिर्फ 4-5 हजार ग्रामीण ही थे। जिनके लिए सीवर लाइन डाली गई थी, लेकिन समय के साथ जैसे जैसे जनसंख्या लाखों में पहुंची तो पुरानी पड़ी छोटी सीवर लाइन नाकाफी हो गई। ऐसे में अब वह जगह जगह क्षतिग्रस्त हुई तो गंदा पानी रिस-रिसकर अब भूजल में मिल रहा है। सप्लाई में आने वाला पानी भी अक्सर गंदा आता है। सड़कों की स्थिति खराब है। गांव में न तो खेल मैदान हैं न तो बुजुर्ग और बच्चों के लिए पार्क हैं। पार्किंग स्थल न होना भी एक बड़ी समस्या है। गांव में जनसंख्या के साथ साथ वाहनों की संख्या भी बढ़ रही है, लेकिन पार्किंग न होने के चलते रोड पर ही लोग अपने वाहनों को पार्क कर देते हैं, जिससे जाम जैसी स्थितियां बन जाती हैं।
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कोट
सीवर लाइन कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो चुकी है, पानी रिस-रिसकर भूजल में मिल रहा है, जिससे प्रदूषण बढ़ रहा है।
-ईश्वर सिंह, पूर्व प्रधान
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पीने का सप्लाई वाटर अक्सर गंदा आता है, कभी-कभी तो नहाने लायक भी नही होता है।
-शेर सिंह
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गांव में बुजुर्गों और बच्चों के लिए पार्क नही है, खेल मैदान की भी कमी है।
-प्रमोद शर्मा
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गांव में बने दोनों बारात घरों का मेंटेनेंस सालों से नही हुआ है, इसके चलते पानी, टूटे गेट समेत तमाम समस्याएं बनी हुई है।
-अमन चौहान
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गांव में छोटे मकानों में कॉमर्शियल मीटर नही लगने चाहिए, ताकि छोटे दुकानदारों को राहत मिल सके।
-अशोक स्वामी
पार्किंग की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि गांव में जाम जैसी स्थितियां न उत्पन्न हों।
-मुुनीश कुमार गर्ग