वन्य जीव क्राइम ब्यूरो दिल्ली व वन विभाग की टीम ने मंगलवार को परी चौक से तोते की तस्करी के आरोप में दो लोगों को पकड़ा है। उनके पास से तोते का जोड़ा, एक पिंजरा और एक मारुति कार बरामद हुई है। बताया जा रहा है कि रेड ब्रेस्टेड पैराकीट प्रजाति के ये तोते सिर्फ नॉर्थ ईस्ट और अंडमान में ही पाए जाते हैं। इनकी खरीद और बिक्री पर पूरी तरह से रोक है। दोनों तोते को मुक्त कर दिया गया है। क्षेत्रीय वन अधिकारी ने नॉलेज पार्क थाने में दोनों के खिलाफ वन्य जीव अधिनियम के तहत मामला दर्ज कराया है।
आरोपियों को पुलिस के हवाले कर दिया है। अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली के वन्य जीव क्राइम ब्यूरो को तोते की तस्करी की सूचना मिली थी। सूचना पर एक तस्कर से ग्राहक बनकर संपर्क किया गया। दोनों का 10 हजार में सौदा तय हुआ। मंगलवार दोपहर आरोपियों को तोता खरीदने के लिए परी चौक बुलाया गया था। वन्य जीव क्राइम ब्यूरो दिल्ली और वन विभाग की टीम परी चौक पहुंची। जैसे ही दो युवक तोता लेकर पहुंचे, इसी दौरान दोनों को दबोच लिया।
पूछताछ में दोनों ने पहले घर पर तोता पालने की बात कही। लेकिन सख्ती बरतने पर दोनों ने दिल्ली से तोता खरीदने का खुलासा किया। क्षेत्रीय अधिकारी शीतल पवार ने तस्करी का मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने आरोपियों से बरामद तोते को आजाद कर दिया है। साथ ही कार को कब्जे में ले लिया है। आरोपियों की पहचान इजहार अहमद और तारिक अहमद निवासी न्यू अशोक नगर दिल्ली के रूप में हुई है। दोनों भाई है। दोनों तुगलपुर में काम करते हैं।
आरोपियों के पास से बड़ी संख्या में तोते होने की आशंका थी, लेकिन केवल दो तोते मिले। मामला दर्ज कराकर आरोपियों को पुलिस के हवाले कर दिया गया है।
पीके श्रीवास्तव, प्रभागीय वनाधिकारी गौतम बुद्ध नगर
अलेक्जेंडर के नाम पर पड़ा
रेड ब्रेस्टेड पैराकीट का वैज्ञानिक नाम सिटाकुला अलेक्जेंड्री है। छाती पर लाल रंग के पैच की वजह से इन्हें आसानी से पहचाना जा सकता है। ये ज्यादातर इंडोनेशिया और अंडमान में पाए जाते हैं। बताया जाता है कि अलेक्जेंडर महान की सेना इसे ग्रीस से लेकर आई थी।