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सीमापुरी इमारत हादसा : हादसे के बाद डर के साये में कटी रात, आंखों से नींद रही दूर

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-सीमापुरी में इमारत हादसे के बाद सहमे लोग, रातभर हर आहट पर चौकन्ने रहे स्थानीय निवासी
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अमर उजाला ब्यूरो
पूर्वी दिल्ली। सीमापुरी में इमारत हादसे के बाद इलाके में रात तो हुई, लेकिन लोगों की आंखों से नींद गायब रही। दिनभर मलबे, राहत और बचाव के बीच बीती शाम के बाद जैसे-जैसे अंधेरा बढ़ा, स्थानीय लोगों का डर भी गहराता गया। आसपास रहने वाले परिवार रातभर किसी अनहोनी की आशंका में जागते रहे। हादसे वाली जगह के आसपास रहने वाले लोगों के लिए हर तेज आवाज डर पैदा कर रही थी। कहीं कोई दीवार हिलने की आवाज आई, तो लोग घरों से बाहर निकलकर देखने लगे। कई परिवारों ने एहतियात के तौर पर घर के कमरों में सोने के बजाय खुले स्थान या रिश्तेदारों के यहां रात बिताना बेहतर समझा।

स्थानीय निवासी नसीम ने बताया कि हादसे के बाद बच्चों को समझाना मुश्किल हो गया। कई बच्चे रातभर डरे रहे और बार-बार पूछते रहे कि कहीं उनका घर भी तो नहीं गिर जाएगा। बुजुर्गों में भी असुरक्षा की भावना रही। जिन मकानों में पहले से दरारें हैं, वहां रहने वाले परिवारों की चिंता और बढ़ गई। वहीं, फरदीन बताते हैं कि हादसे का मंजर आंखों के सामने से हट नहीं रहा। बचाव दल की आवाजें, मलबे में अपनों को तलाशते लोग और क्षतिग्रस्त इमारतों का दृश्य लोगों के जेहन में बना हुआ है। ऐसे में बिस्तर पर जाते ही हादसे की तस्वीरें सामने आ जाती हैं और नींद टूट जाती है।
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रातभर चलता रहा डर का सिलसिला : स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि आसपास की इमारतों की जल्द जांच कराई जाए और जिन मकानों में खतरा है, वहां रहने वाले परिवारों को सुरक्षित स्थान दिया जाए। लोगों का कहना है कि मलबा हट जाने भर से डर खत्म नहीं होगा, जब तक उन्हें यह भरोसा नहीं हो जाता कि उनके सिर पर मौजूद छत सुरक्षित है। सीमापुरी में हादसे के बाद पहली रात इसी डर में बीती घर मौजूद थे, लेकिन लोगों को अपनी छत पर भरोसा नहीं था।
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