नोएडा। जिले में कोरोना हर दिन नए रिकॉर्ड कायम कर रहा है। बृहस्पतिवार को अब तक के सर्वाधिक 489 नए मामले सामने आए हैं। वहीं, 181 लोग ठीक हुए हैं। बुधवार को 483 मामले सामने आए थे। हर दिन बढ़ती मरीजों की संख्या स्वास्थ्य विभाग के लिए चुनौती बन चुकी है। अस्पतालों में मरीजों का इलाज करने के लिए पर्याप्त बेड व दवाओं की किल्लत समस्या को और अधिक बढ़ा रही है।
बृहस्पतिवार को नोएडा और ग्रेटर नोएडा में एक-एक मौत हुई, लेकिन राज्य सरकार द्वारा जारी रिपोर्ट में एक का ही डाटा दर्ज हो सका है। रिपोर्ट के अनुसार जिले में अब तक 98 मौतें हुई हैं। ग्रेटर नोएडा का मामला शामिल होने के बाद यह आंकड़ा 99 पहुंच जाएगा। साथ ही, कोरोना के कुल मामलों की संख्या 28,928 हो चुकी है जिसमें से 2,334 सक्रिय मरीज हैं। 26,496 लोग ठीक हो चुके हैं। सक्रिय केसों की संख्या में भी इजाफा होने से बेड की उपलब्धता व इलाज का संकट गहराने लगा है। सक्रिय केसों की संख्या में जिला प्रदेश में सातवें नंबर है।
वहीं, डिस्चार्ज संख्या के आधार पर लगातार पांचवें स्थान पर बना हुआ है। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि मरीजों की संख्या के आधार पर इलाज के इंतजाम को बढ़ाया जा रहा है। जांच में तेजी के कारण सक्रिय व नए केस अधिक सामने आ रहे हैं। हालांकि, सरकारी अस्पतालों के आंकड़े देखे तो जांच की प्रक्रिया भी सवालों के घेरे में है। सरकारी अस्पतालों में जांच रिपोर्ट के लिए 7-8 दिन का समय लग रहा है। ऐसे में मरीज की हालत गंभीर होने और मृत्युदर का खतरा भी बढ़ गया है।
नोएडा प्राधिकरण में बिगड़े हालात, महिला कर्मचारी की मौत
नोएडा प्राधिकरण में भी कोरोना के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। अब तक कई अधिकारी व कर्मचारी कोरोना की चपेट में आ चुके हैं। बृहस्पतिवार कर्मी सुमित्रा की मौत हो गई। वहीं, आवासीय भूखंड विभाग के सहायक संदीप कुमार संक्रमित पाए गए हैं। वर्क सर्किल-9 में सहायक प्रबंधक सुनील सिंह के संक्रमित होने के बाद कार्यालय को रविवार तक के लिए बंद कर दिया गया है। नोएडा विकास प्राधिकरण चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी यूनियन ने सीईओ रितु महेश्वरी को पत्र लिखकर विशेष टीकाकरण शिविर लगवाने की मांग की है।
----------
जिले में चिकित्सीय सुविधाएं बेहतर करने के लिए विभाग लगातार प्रयासरत है। सभी मरीजों को उचित इलाज हमारी प्राथमिकता है। मरीजों के लिए जरूरी दवाओं और बेड की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। - सीएमओ डॉ. दीपक ओहरी