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Noida News: देशभर में लोन दिलाने के नाम पर ठगी का जाल, नोएडा से जालसाज गिरफ्तार

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देशभर में लोन दिलाने के नाम पर ठगी का जाल, नोएडा से साइबर जालसाज गिरफ्तार
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- फर्जी कंपनियों और बैंकों के नाम पर लोगों को लोन का झांसा देकर वसूलते थे चार्ज
- देश के अलग-अलग राज्यों के लोगों से ठगी के इनपुट, साथी की तलाश में जुटी पुलिस
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। अलग-अलग फाइनेंस कंपनियों और बैंकों के नाम पर लोगों को लोन दिलाने का झांसा देकर देश के विभिन्न राज्यों में साइबर ठगी करने वाले गिरोह का साइबर क्राइम थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने बरौला स्थित एक मकान की तीसरी मंजिल से फरमान उर्फ फरमान नजामुद्दीन को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से मोबाइल फोन, लैपटॉप, बैंक की पासबुक, चेकबुक और फर्जी दस्तावेज बरामद किए गए हैं। आरोपी और उसका साथी ऋषि मिश्रा अलग-अलग कंपनियों के नाम पर लोगों को फोन कर लोन दिलाने का भरोसा देते थे।
पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी लोगों को मुद्रा फाइनेंस, प्रधानमंत्री योजना, बैंक ऑफ बड़ौदा फाइनेंस समेत कई कंपनियों के नाम पर फोन करते थे। जरूरतमंद व्यक्ति को लोन देने की बात कहकर पहले भरोसे में लिया जाता था। इसके बाद फाइल चार्ज, लोन ट्रांसफर चार्ज और प्रोसेस चार्ज के नाम पर अलग-अलग रकम बैंक खातों में जमा कराई जाती थी। ये लोगों से करीब दो हजार से एक लाख रुपये तक अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कराए जाते थे।
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लोगों का भरोसा जीतने के लिए आरोपियों ने फर्जी लेटरहेड, कंपनियों की मुहर, हस्ताक्षर और अन्य दस्तावेज भी तैयार कर रखे थे। आरोपी के मुताबिक, कई बार वास्तविक कंपनी के कर्मचारी से बात करने का भरोसा दिलाने के लिए फर्जी आईडी कार्ड भी भेजा जाता था। फोन करने के लिए जरूरी लोगों का डाटा उसे उसके साथी ऋषि मिश्रा से मिलता था। दोनों के बीच ठगी की रकम बांटने की बात भी जांच में सामने आई है।
बराैला में मिली मोबाइल की लोकेशन : पुलिस को जांच के दौरान छत्तीसगढ़ के दो मामलों से भी इस गिरोह के तार जुड़े मिले। एक शिकायतकर्ता से लोन दिलाने के नाम पर 2.20 लाख की ऑनलाइन ठगी किए जाने की बात सामने आई है। साइबर क्राइम पुलिस ने इन शिकायतों से जुड़े मोबाइल नंबरों की जांच की तो कई नंबरों की लोकेशन बरौला सेक्टर-50 के आसपास मिली। 29 सितंबर को पुलिस टीम ने मकान की तीसरी मंजिल पर स्थित कमरे में दबिश दी और फरमान को पकड़ लिया। जांच में आरोपी के साथी ऋषि मिश्रा का नाम सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, वह दिल्ली में रहता है और उसके पास ठगी से संबंधित डाटा तथा लैपटॉप होने की जानकारी आरोपी ने पूछताछ में दी। इन आरोपियों ने 60 से अधिक लोगों से ठगी की घटनाएं की है। डीसीपी साइबर प्रीति यादव ने बताया कि आरोपी के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों से वित्तीय साइबर अपराध से संबंधित शिकायतें दर्ज हैं।
ऐसे बनाते थे शिकार : लोन की जरूरत वाले लोगों को अलग-अलग फाइनेंस कंपनियों और बैंकों के नाम से फोन किया जाता था। कम ब्याज पर आसानी से लोन दिलाने का भरोसा दिया जाता। इसके बाद फाइल चार्ज, प्रोसेसिंग फीस और लोन ट्रांसफर चार्ज के नाम पर रकम जमा कराई जाती। भरोसा बढ़ाने के लिए फर्जी लेटरहेड, मुहर, हस्ताक्षर और कर्मचारी के आईडी कार्ड का इस्तेमाल किया जाता था। आरोपी के मुताबिक, एक व्यक्ति से दो हजार से एक लाख रुपये तक अलग-अलग खातों में जमा कराए जाते थे।
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अलग-अलग राज्यों तक फैला नेटवर्क : साइबर क्राइम पुलिस की जांच में सामने आया कि गिरोह के मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल देश के अलग-अलग राज्यों के लोगों से संपर्क करने में किया जा रहा था। जांच में यूपी, एनसीआर, छत्तीसगढ़ से लेकर कई अन्य राज्यों में इस गिरोह की सक्रियता की जानकारी मिली है। पुलिस टीम इसके लिए लगाई गई है।

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