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Noida News: फर्जी वैट सेटलमेंट के दस्तावेज तैयार 1.21 करोड़ रुपये गबन का आरोपी सीए गिरफ्तार

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-फर्जी वैट सेटलमेंट आदेश तैयार कर कंपनी के खातों में किया था गबन
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। सेक्टर-142 कोतवाली पुलिस ने जूते और कपड़ा निर्माता कंपनी के 1.21 करोड़ गबन करने वाले चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) को शनिवार को गुरुग्राम के सेक्टर-32 से गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान चैतन्य चौहान उर्फ चमन सिंह (27) निवासी अमरोहा के रूप में हुई है। आरोपी वर्तमान में वसुंधरा गाजियाबाद में रह रहा है। आरोपी ने फर्जी वैट सेटलमेंट आदेश तैयार कर कंपनी के खातों में गबन किया था।
रेडटेप लिमिटेड (पूर्व में मिर्जा इंटरनेशनल लिमिटेड) द्वारा दी गई शिकायत में कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधि शशांक कुमार ने सेक्टर-142 कोतवाली में तहरीर दी थी कि कंपनी के चमन सिंह उर्फ चैतन्य चौहान ने विश्वास जीतकर कंपनी को हरियाणा और गुजरात के वैट बकाया भुगतान के नाम पर ठगा। आरोप है कि चमन सिंह ने कंपनी प्रबंधन को यह कहते हुए धोखे में रखा कि कंपनी का रजिस्ट्रेशन न होने के कारण कर भुगतान स्थानीय कंसल्टेंट्स के माध्यम से ही किया जा सकता है। चमन सिंह ने कथित स्थानीय कंसल्टेंट्स अयुष राज, आशीष कुमार, अमित कुमार गुप्ता, सोनाली सिन्हा और गौरव राज के बैंक खातों में 67 लाख और 51.84 लाख की रकम क्रमशः हरियाणा और गुजरात सरकार को कर भुगतान के नाम पर ट्रांसफर कराई। बाद में कंपनी की आंतरिक जांच और ऑडिट के दौरान पता चला कि जिन चालानों व आदेशों के आधार पर भुगतान किया गया वह सभी फर्जी थे। आरोपियों ने सरकारी विभागों के नाम से फर्जी ऑनलाइन आदेश और कर चालान तैयार किए और उन पर राज्य सरकारों की मोहर और लोगो का दुरुपयोग किया। यहां तक कि चमन सिंह ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अधिकारियों को यह विश्वास दिलाया कि कर भुगतान हो चुका है। कंपनी ने इस फर्जीवाड़े का खुलासा फरवरी 2025 में किया। जब ऑडिट में संदेह होने पर चमन सिंह को रंगे हाथ पकड़ा गया। उसने तत्काल इस्तीफा और माफीनामा भी सौंपा। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा-34, 120 बी, 403, 405, 408, 420, 467, 468, 471 समेत सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद से आरोपी वांछित चल रहा था।
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एडिशनल डीसीपी शैव्या गोयल ने बताया कि आरोपी ने अपने सह-आरोपियों के साथ मिलकर फर्जी वैट टैक्स भुगतान से संबंधित सेटलमेंट आदेश तैयार किए थे। इस धोखाधड़ी के जरिए वादी की कंपनी के लगभग 1.21 करोड़ का गबन किया गया था। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
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