फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Noida News: डीएनए सैंपल सुरक्षित, जरूरत पड़ने पर हादसे के मृतकों की फिर हो सकेगी पहचान

विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे पर बस हादसे में 9 लोगों के जिंदा जलने के बाद शवों की पहचान करना चुनौती भरा रहा। किसी की पायल से पहचान हुई तो किसी के शरीर में लगाई गई रॉड ने तो किसी के कपड़ों से पहचान हुई। धीरे-धीरे करीब दो दिन के बाद उनकी पहचान हो पाई। इसके बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिए गए। हालांकि, भविष्य में किसी तरह की पहचान संबंधी दिक्कत न आए, इसके लिए पोस्टमार्टम हाउस में मृतकों के शरीर के अलग-अलग हिस्सों और हड्डियों से लिए गए डीएनए सैंपल सुरक्षित रखे गए हैं।

फोरेंसिक विशेषज्ञ और पोस्टमार्टम हाउस के प्रभारी डॉ ऋषभ ने बताया कि हादसे के बाद शवों की स्थिति काफी खराब थी। शरीर के कई हिस्से बुरी तरह झुलस गए थे और कुछ समय बाद शव डीकंपोज होने लगे थे। ऐसे में पहचान की प्रक्रिया के लिए शरीर से हड्डियों और अन्य उपलब्ध हिस्सों के सैंपल लेकर डीएनए जांच कराई गई। इन सैंपलों को अब भी सुरक्षित रखा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि फिलहाल किसी व्यक्ति की ओर से इन सुरक्षित डीएनए सैंपलों को लेकर कोई क्लेम नहीं किया गया है। यदि भविष्य में किसी मृतक की पहचान को लेकर कोई दावा या विवाद सामने आता है तो सुरक्षित सैंपल के माध्यम से डीएनए मैच कराया जा सकेगा। हादसे में मृतकों के परिजनों को सरकार की ओर से मुआवजा देने की घोषणा भी की गई है। ऐसे में भविष्य में मुआवजे या किसी अन्य कानूनी प्रक्रिया के दौरान पहचान को लेकर कोई परेशानी न हो, इसे देखते हुए सैंपल सुरक्षित रखना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें