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Noida News: श्रमिक प्रदर्शन में हुई हिंसा की होगी मजिस्ट्रियल जांच, 15 मई तक मांगे गए साक्ष्य

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-धरना-प्रदर्शन के दौरान कानून व्यवस्था बिगड़ने के मामले में प्रशासन सख्त
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-ऑडियो-वीडियो समेत मौखिक और लिखित साक्ष्य आमजन कर सकेंगे प्रस्तुत
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। जिले में 13 अप्रैल को श्रमिकों और कामगारों के धरना-प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसक घटनाओं की अब मजिस्ट्रियल जांच कराई जाएगी। इस संबंध में पीठासीन अधिकारी विशेष न्यायालय एवं अपर पुलिस आयुक्त मुख्यालय अजय कुमार को जांच अधिकारी नामित किया गया है। प्रशासन की ओर से आमजन से घटना से जुड़े मौखिक, लिखित और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य 15 मई तक उपलब्ध कराने की अपील की गई है।
13 अप्रैल को थाना फेज-2 तथा थाना सेक्टर-63 क्षेत्र में दो स्थानों पर श्रमिकों और कामगारों द्वारा धरना-प्रदर्शन किया गया था। इस दौरान कई जगहों पर हिंसक घटनाएं सामने आईं। जिससे कानून-व्यवस्था और लोक व्यवस्था प्रभावित हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा था। प्रशासन द्वारा अब पूरे घटनाक्रम की विस्तृत मजिस्ट्रियल जांच कराई जाएगी। जांच के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि हिंसक प्रदर्शन किन कारणों और परिस्थितियों में हुआ। अधिकारियों का कहना है कि जांच निष्पक्ष और गहनता से की जाएगी। जिससे वास्तविक तथ्यों को सामने लाया जा सके। अपर पुलिस आयुक्त मुख्यालय अजय कुमार का कहना है कि अगर किसी व्यक्ति के पास इस घटना से संबंधित कोई जानकारी, दस्तावेज, वीडियो, ऑडियो या अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य उपलब्ध हैं, तो वे उन्हें जांच अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं। साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए इच्छुक लोगों को 15 मई तक किसी भी कार्य दिवस में पुलिस लाइन स्थित पुलिस उपायुक्त लाइंस कार्यालय में उपस्थित होना होगा। इसके लिए समय सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक निर्धारित किया गया है। बता दें
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13 अप्रैल को वेतन वृद्धि के लिए श्रमिकों का प्रदर्शन हिंसक हो गया था और इस दौरान नोएडा में काफी हंगामा हुआ था। इसमें 300 से अधिक कंपनियों में तोड़फोड़ की गई थी।
हिंसक श्रमिक प्रदर्शन
- 13 अप्रैल को 82 जगहों से अधिक स्थान पर श्रमिक इकटठा हुए थे।
- तीन से चार स्थानों पर प्रदर्शन हिंसक हो गया था।
- करीब 42 हजार श्रमिक प्रदर्शन में शामिल हुए थे।
- इस मामले में अब तक 11 प्राथमिकी दर्ज की गई है और 62 गिरफ्तारी हुई है।


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