माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। शेयर में सौदे के नाम पर धोखाधड़ी के आरोपी रजत चतुर्वेदी की अग्रिम जमानत अर्जी को अदालत ने खारिज कर दिया। मामला थाना सेक्टर 63 में में दर्ज है।
एसएन कैपिटल मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड के अधिकृत प्रतिनिधि नवीन पाराशर की शिकायत के अनुसार यावा कॉर्पोरेशन ग्लोबल लिमिटेड और यावा ट्रेडिंग प्राइवेच लिमिटेड ने कंपनी के पूर्व कर्मचारियों अनिकेत ठाकुर और रजत के जरिये संपर्क कर इक्विटी शेयरों की बिक्री का सौदा किया। भरोसा कर कंपनी ने बैंकिंग चैनलों से करीब सात करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। मगर यावा कॉर्पोरेशन ने भुगतान लेने के बावजूद शेयर नहीं दिए और 3.24 करोड़ रुपये ब्याज सहित लौटाने से भी बचती रही। इससे कंपनी को चार करोड़ रुपये से अधिक की क्षति हुई। बचाव पक्ष ने दलील दी कि आरोपी कंपनी में सिर्फ कर्मचारी (एरिया मैनेजर) थे। उनका सौदे में कोई रोल नहीं था।
वहीं अभियोजन ने कहा कि आरोपी सौदे के लिए उत्तरदायी था। अदालत ने माना कि बैंक विवरण में कंपनी के खाते से यावा समूह के खातों में करोड़ों रुपये ट्रांसफर मिले हैं। स्टांप पेपर पर बने जिस समझौते को आरोपी के डेस्क से बरामद बताया गया, उसमें जाली हस्ताक्षर और आरोपी की भूमिका की पुष्टि भी बाकी है। इस कारण आरोपी को जमानत देने से मना कर दिया।