ग्रेनो वेस्ट मेट्रो परियोजना में फंसा पेंच
ब्लू और एक्वा लाइन मेट्रो की कनेक्टिविटी में बरती गई बड़ी लापरवाही
केंद्रीय आवासन एवं शहरी विकास मंत्रालय की मेट्रो प्रोजेक्ट पर आपत्ति
दोनों लाइनों के बीच आवाजाही आसान बनाने के तलाशने होंगे विकल्प
योगेश शर्मा
नोएडा। नोएडा से ग्रेनो वेस्ट के बीच मेट्रो की सवारी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। ब्लू और एक्वा लाइन के दो मेट्रो स्टेशनों (सेक्टर-51 और 52) के बीच कनेक्टिविटी में बरती गई लापरवाही नए मेट्रो रेल प्रोजेक्ट पर पड़ी है। केंद्रीय आवासन एवं शहरी विकास मंत्रालय ने इस प्रोजेक्ट की फाइल पर आपत्ति लगा दी है। दोनों लाइनों के बीच आवाजाही आसान बनाने के बेहतर विकल्प जब तक तलाशे नहीं जाएंगे, तब तक इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को मंजूरी नहीं मिलेगी।
दरअसल, नोएडा से ग्रेनो को जोड़ने वाली एक्वा लाइन के सेक्टर-51 मेट्रो स्टेशन से ग्रेनो वेस्ट के रास्ते नॉलेज पार्क-पांच तक 14.958 किमी. लंबी मेट्रो लाइन को विस्तार दिया जाना है। एक्वा लाइन से 382 मीटर की दूरी पर नोएडा को दिल्ली से जोड़ने वाली ब्लू लाइन का सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशन भी है। एक्वा और ब्लू लाइन के स्टेशनों के बीच की दूरी ज्यादा होने के कारण यात्रियों को मेट्रो बदलने में परेशानी होती है।
इससे बचने के लिए ग्रेनो से दिल्ली के बीच सफर करने वाले दैनिक यात्री मेट्रो की जगह निजी वाहनों का विकल्प अपनाना ज्यादा पसंद करते हैं। यही वजह है कि दिल्ली से नोएडा के इलेक्ट्रॉनिक सिटी तक दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) की लाइन पर यात्रियों की भीड़ संभाले नहीं संभल रही, जबकि सेक्टर-51 से ग्रेनो के बीच नोएडा मेट्रो रेल निगम (एनएमआरसी) की लाइन यात्रियों के लिए तरस रही है। दोनों मेट्रो स्टेशनों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी नहीं होने का असर 2197.49 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले नए प्रोजेक्ट पर पड़ता देख मंत्रालय ने आपत्ति लगा दी है।
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400 मीटर कौन चलेगा पैदल
एक्वा लाइन के सेक्टर-51 और ब्लू लाइन के सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशन के बीच फुटओवर ब्रिज (एफओबी) बनाया जा रहा है, लेकिन मंत्रालय के अधिकारियों ने इस पर आपत्ति जताई है। मेट्रो बदलने के लिए यात्री दोनों स्टेशनों के बीच 400 मीटर की दूरी क्यों तय करेंगे। जिसके पास सामान ज्यादा होगा, उसकी परेशानी ज्यादा बढ़ जाएगी। मंत्रालय के अधिकारियों ने दोनों स्टेशनों को बनाने की प्लानिंग में बरती गई लापरवाही पर नाराजगी भी जाहिर की है।
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डीएमआरसी की टीम सर्वे में जुटी
एनएमआरसी की एक्वा मेट्रो लाइन की प्लानिंग से लेकर निर्माण तक का कार्य डीएमआरसी ने किया है। पिछले सप्ताह शहरी विकास मंत्रालय के विशेष कार्याधिकारी व एनएमआरसी के चेयरमैन जयदीप ने सेक्टर-51 और 52 मेट्रो स्टेशन का दौरा कर यात्रियों की सहूलियत के लिए बेहतर कनेक्टिविटी के विकल्प तलाशने के निर्देश दिए हैं। डीएमआरसी की टीम इसके लिए सर्वे में जुट गई है।
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तीन विकल्पों पर चल रहा मंथन
1. सेक्टर-51 से एक्वा लाइन का सेक्टर-61 तक विस्तार कर किया जाए। यहां ब्लू लाइन के स्टेशन के पास ही नया स्टेशन बनाया जाए। यहीं से ग्रेनो वेस्ट को जोड़ने वाली नई लाइन का विस्तार किया जाए।
2. सेक्टर-51 और सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशन के बीच जमीन तलाश कर यहां एक हाल्ट का निर्माण किया जाए। एक्वा लाइन मेट्रो का संचालन यहां से होने पर यात्रियों को ज्यादा चलने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
3. सेक्टर-51 और 52 मेट्रो स्टेशन के बीच खाली जमीन आइकिया कंपनी को आवंटित है। यहां विकसित होने वाले व्यवसायिक केंद्र के अंदर से ही 200 मीटर का स्काई वॉक बनाकर दोनों स्टेशनों को जोड़ा सकता है।