एक दशक पहले कबाड़ से करोड़पति बनने तक का सफर तय करने वाले स्क्रैप माफिया रवि नागर उर्फ रवि काना का साम्राज्य अब खत्म होने की कगार पर आ गया है। पुलिस 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति सीज कर चुकी है।
गिरोह के लगभग सभी सदस्य गिरफ्तार किए जा चुके हैं। शनिवार को रवि काना और उसकी सहयोगी काजल झा की थाईलैंड में गिरफ्तारी को गिरोह के काले साम्राज्य के लिए ताबूत में आखिरी कील माना जा रहा है।
पुलिस और क्षेत्र के जानकारों के मुताबिक एक दशक पहले तक रवि काना छोटे मोटे काम किया करता था। साल-2014 में छोटे भाई और गैंगस्टर हरेंद्र प्रधान की हत्या के बाद रवि काना पूरी तरह जुर्म की राह पर आ गया।
उसने लोगों में भय पैदा करके जबरन ट्रकों से सरिया उतरवा कर कंपनियों में सप्लाई करना शुरू कर दिया। इसी बीच वह नामी बदमाश अनिल दुजाना के संपर्क में आया और उसका दाहिना हाथ बन गया। बाद में जब अनिल दुजाना पुलिस मुठभेड़ में मारा गया तो अपराध की दुनिया में वह तेजी से ऊपर बढ़ने लगा।
गिरफ्तारी के बाद नए खुलासे होने बाकी
कबाड़ से करोड़पति बनने के सफर में रवि काना पर कुछ अधिकारियों का भी हाथ रहा। इस बात की भी चर्चा समय- समय पर होती रही। इसके साथ ही रवि काना का सफेदपोश लोगों से भी संबंध रहा। यही वजह रही कि उसने अपनी भाभी बेबन नागर को चुनाव में भी खड़ा किया। मगर अब उसकी गिरफ्तारी के बाद कुछ नए खुलासे होने बाकी है।
नौकरी के लिए आई थी काजल, बन गई माफिया की पार्टनर : करीब आठ साल पहले दिल्ली की न्यू फ्रेंड्स क़ॉलोनी में रहने वाली युवती रवि काना के पास नौकरी के लिए आई थी। उसे गिरोह में नौकरी के लिए रखा गया। इस युवती का नाम काजल झा था। बाद में यही युवती रवि काना की खास भरोसेमंद बन गई।
उसकी पार्टनर बन गई। यह नजदीकी रवि के परिवार में भी अखरने लगी थी। बताया जाता है कि काजल रवि को उसके काले कारोबार में सलाह मशविरा देने लगी। साथ ही उसके काले कारनामों में भी बराबर की भागीदार रही। यह बात पुलिस ने अदालत में दाखिल की 500 पन्नों की चार्जशीट में भी कही है।
गैंगरेप में मुकदमा दर्ज हुआ तो शुरू हुई उल्टी गिनती
जनवरी 2024 में रवि काना सहित पांच लोगों के खिलाफ सेक्टर-39 कोतवाली क्षेत्र के एक मॉल की पार्किंग में युवती से गैंगरेप का मुकदमा दर्ज किया गया। इसी के बाद रवि काना गैंग की उल्टी गिनती शुरू हो गई। इसके पहले भी मुकदमे दर्ज थे, लेकिन गैंगरेप के मुकदमे के बाद रवि काना की मुश्किलें बढ़ गईं। इसके बाद रवि काना गैंग के खिलाफ जनवरी 2024 में ही गैंगस्टर एक्ट के तहत थाना बीटा-2 थाने में मुकदमा दर्ज किया गया।
इसमें दनकौर के दादूपुर निवासी रवि नागर उर्फ रवि काना के अलावा राजकुमार नागर, गुरुग्राम निवासी तरुण, कासना निवासी अमन और विशाल, दनकौर निवासी अवध, महकी नागर, अनिल, विक्की, अफसर, राशिद अली, आजाद नागर, प्रह्लाद, विकास नागर, मधु और काजल झा शामिल थे।
गौतमबुद्ध नगर में पहली बार अपराधी का थाईलैंड से प्रत्यर्पण
गौतमबुद्ध नगर में अपराध की दुनिया में सुंदर भाटी, रणदीप भाटी, सिंघराज भाटी, अनिल भाटी, अमित कसाना, अनिल दुजाना और मनोज उर्फ आसे जैसे कुख्यात नाम चर्चा में रहे हैं। कुछ दिन पहले ही अनिल दुजाना मुठभेड़ के दौरान मारा गया था। रवि काना की थाईलैंड में गिरफ्तारी के बाद उसे भारत लाए जाने की प्रक्रिया होगी। कहा जा रहा है कि गौतमबुद्ध नगर में पहली बार होगा किसी अपराधी का थाईलैंड से प्रत्यर्पण होगा।
2013 में हुई थी भारत की थाईलैंड के साथ प्रत्यर्पण संधि : भारत और थाईलैंड की प्रत्यर्पण संधि 30 मई 2013 को बैंकाक में हुई थी। तत्कालीन विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद और थाईलैंड के उप प्रधानमंत्री व विदेश मंत्री सूरापोंग ने संधि पर हस्ताक्षर किए थे।
थाईलैंड की अदालत में पेश हो सकता है रवि
गौतमबुद्ध नगर जिला न्यायालय के डीजीसी ब्रह्मजीत भाटी कहते हैं कि रवि को थाईलैंड के न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा। वहां से विधिक प्रक्रिया का अनुसरण करते हुए भारत लाने की कार्यवाही शुरू होगी। माफिया पर कार्रवाई नोएडा कमिश्नरेट पुलिस की बड़ी सफलता है। गौतमबुद्ध नगर में पहली बार इतिहास रचा जाएगा कि कोई अभियुक्त विदेश से लाया जाएगा। इससे साफ संदेश गया है कि कोई भी बदमाश देश छोड़कर किसी भी कोने में चला जाएं, वहां से पकड़कर लाया जा सकता है।
इस तरह हो सकती है रवि और काजल को भारत लाने की प्रक्रिया : सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता एपी सिंह कहते हैं कि केवल शत्रु देश को छोड़कर अन्य किसी भी देश से भारत में वांछित अपराधी को देश में लाया जा सकता है। इसके लिए पुलिस गृहमंत्रालय को पत्र लिखेगी। मंत्रालय वहां के विदेश मंत्रालय से संपर्क करेगा। थाईलैंड के साथ हमारी संधि है। इसलिए सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद अपराधी को देश में लाया जाएगा।
थाईलैंड पुलिस दिल्ली एयरपोर्ट तक अपराधी को लाएगी
एयरपोर्ट पर केंद्रीय सुरक्षा बलों को अपराधी को सौंप सकती है।
एयरपोर्ट से केंद्रीय सुरक्षा बल स्थानीय पुलिस की सुपुर्दगी में अपराधी को देंगे।