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जिले में खुले स्कूल लेकिन विद्यार्थियों की संख्या कम

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जिले में खुले स्कूल लेकिन विद्यार्थियों की संख्या कम
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नगीना। सरकार ने कक्षा 9वीं से 12वीं तक स्कूल खोलने की अनुमति तो शिक्षा विभाग को दे दी है, लेकिन पहले दिन ही स्कूलों में विद्यार्थी कम संख्या में पहुंचे। ऐसे में अध्यापक भी परेशान हैं और अभिभावक कोई भी फैसला लेने से कतरा रहे हैं। अध्यापकों ने बच्चों से स्कूल में आने या नहीं आने का जवाब लिखित में मांगा है। कुछ बच्चों ने जवाब स्कूल के प्रधानाध्यापकों को भेजा भी है, लेकिन कुछ बच्चे और अभिभावक इसी असमंजस में हैं कि बच्चों को स्कूल में भेजा जाए या नहीं। हालांकि स्कूलों में सामाजिक दूरी बनाए रखने, मास्क लगाने के साथ-साथ कोरोना के बचाव को लेकर सभी नियम अपनाए जाएंगे। लेकिन अभिभावक अब भी परेशान नजर आ रहे हैं।
अभिभावकों की परेशानी
अभिभावक सुंदर, महेंद्र, आरिफ, शौकत, ममरेज सहित दर्जनों अभिभावकों ने कहा कि इस साल में बच्चों ने बिल्कुल भी पढ़ाई नहीं की है। जो कक्षाएं ऑनलाइन लग रही हैं या घर घर से शिक्षा के माध्यम से बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। बच्चे उससे बिल्कुल भी नहीं पढ़ रहे हैं। स्कूल खोलने की योजना से वो पूरी तरह सहमत हैं ताकि बच्चे शिक्षा से जुड़ सकें।
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विद्यालय में प्रवेश करने से पहले थर्मल स्क्रीनिंग
तावड़ू। प्रदेश में 6 करीब महीने बाद विद्यालय खुलने पर एक अलग तरह माहौल दिखाई दिया। सोमवार को शिक्षा विभाग के आदेश पर कोविड 19 में कक्षा 9-12 तक के स्कूल खुलने की एसओपी का पालन करते हुए तावड़ू क्षेत्र के स्कूल खुले। इस दौरान बहुत ही कम छात्र विद्यालयों में आए। विद्यालयों में प्रवेश करते समय अध्यापकों व बच्चों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। इस दौरान विद्यालय प्रबंधन ने बच्चों से अभिभावकों का सहमति भरा पत्र भी लिया। सोशल डिस्टेंसिंग का अध्यापकों व बच्चों ने पालन किया। स्कूल खुलने पर क्षेत्र में एक अलग ही वातावरण दिखाई दिया।
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फिरोजपुर झिरका में बच्चों के खिले चेहरे
फिरोज पुर झिरका। सोमवार को झिरका खंड के 9वीं से 12वीं कक्षा के सरकारी व निजी स्कूलों में अभिभावकों की अनुमति के बाद बच्चे दिखाई दिए। स्कूल खुलने से अभिभावक व बच्चे खुश नजर आए। वही स्कूल अध्यापकों ने भी राहत की सास ली। फिरोज पुर झिरका के खंड शिक्षा अधिकारी इंद्रजीत सिंह मजोका ने कहा कि सभी सरकारी व गैर सरकारी स्कूलों में गाइडलाइन का पालन कर बच्चों को स्कूल में प्रवेश कराया जा रहा है। शहर के श्री दयानंद सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रधानाचार्य विनय तिवारी ने बताया कि बच्चों की दो शिफ्ट में ट्रायल के आधार पर कक्षाएं लगाई जाती है। लगभग 84 बच्चों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। संवाद
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