पानीपत। मांडी गांव की बेटी सारिका घनघस ने मुक्केबाजी में जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया है। रोहतक में आयोजित हरियाणा ओलिंपिक में सारिका ने वीरवार को कांस्य पदक हासिल किया। इस प्रतियोगिता में हरियाणा के विभिन्न जिलों से सैकड़ों खिलाड़ी शामिल हुए जिनमें सारिका ने अपने वर्ग में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए यह उपलब्धि अपने नाम की।
सारिका फिलहाल सोनीपत के राई स्पोर्ट्स स्कूल में 12वीं की छात्रा है। यहां वह पढ़ाई के साथ-साथ बॉक्सिंग प्रशिक्षण भी ले रही हैं। सारिका रोजाना तय समय पर अभ्यास करती हैं और फिटनेस व तकनीक पर विशेष ध्यान देती हैं। उन्होंने अब तक जिला स्तर पर छह स्वर्ण पदक, राज्य स्तर पर पांच स्वर्ण पदक और राष्ट्रीय स्तर पर तीन स्वर्ण पदक अपने नाम किए हैं। इतनी कम उम्र में यह उपलब्धियां बताती हैं कि सारिका के मुक्के में केवल ताकत नहीं, बल्कि अनुशासन और आत्मविश्वास भी है। उनके पिता जयबीर हरियाणा पुलिस में इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। पिता के खेल अनुभव और अनुशासन ने सारिका को प्रेरित किया है। सारिका की मां गृहिणी हैं।
ओलंपिक में पदक जीतना सपना
सारिका की मुक्केबाजी की शुरुआत बुआना लाखू स्थित पीएस एकेडमी से हुई जहां उन्होंने कोच सुरेंद्र के मार्गदर्शन में खेल के गुर सीखे। कोच सुरेंद्र ने बताया कि सारिका शुरू से मेहनती और अनुशासित खिलाड़ी रही हैं। सारिका ने बताया कि अब आने वाले समय में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करना चाहती हैं। उनका सपना ओलिंपिक में स्वर्ण पदक जीतना है।