साथियों को जेल भेजे जाने के बाद सफाई कर्मचारियों की हड़ताल वापस
- अधिकांश कर्मचारी काम पर वापस लौटे, संयुक्त मोर्चा ने दी काम बहाली के लिखित सहमति
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। करीब 36 घंटे तक चले नाटकीय घटनाक्रम के बाद ग्रेटर नोएडा में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल खत्म हो गई। सफाई कर्मचारियों के संगठनों के संयुक्त मोर्चा की तरफ से लिखित में हड़ताल समाप्त कर काम पर वापस लौटने के लिए पत्र मंगलवार की शाम को दे दिया गया। इसके बाद ग्रेनो प्राधिकरण ने भी पुलिस को संयुक्त मोर्चा के सहमति पत्र के साथ आवश्यक कार्यवाही के लिए पत्र भेज दिया। प्राधिकरण के अधिकारियों ने पुलिस प्रशासन से जेल भेजे गए 39 कर्मचारियों की रिहाई के लिए वार्ता की है।
सोमवार की तड़के सुबह प्राधिकरण के सामने धरना स्थल और फिर सिटी पार्क से सफाई कर्मचारियों को पुलिस ने हटाने की कार्रवाई की थी। यहां से हिरासत में लेकर सफाई कर्मचारियों को पुलिस लाइन ले जाया गया। यहां प्राधिकरण की तीन सदस्यीय समिति से वार्ता के बाद बनी सहमति से कुछ देर बाद ही संयुक्त मोर्चा के कुछ नेता अलग हो गए। हड़ताल चालू रखने के ऐलान के बाद पुलिस ने वापस विरोध में आए कर्मचारी और उनके नेताओं को हिरासत में ले लिया। रात को ही 39 कर्मचारियों को शांति व्यवस्था भंग और आवश्यक सेवाओं में बाधा पहुंचाने के लिए जेल भेज दिया गया।
सोमवार की रात को ही सफाई में लगी एजेंसियों और ग्रेनो प्राधिकरण की तहरीर पर एफआईआर भी पुलिस ने दर्ज कर ली। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक प्राधिकरण और पुलिस की सख्ती और समझाने के लिए वार्ता के बाद संयुक्त मोर्चा हड़ताल वापस लेने के लिए तैयार हो गया। संयुक्त मोर्चा की तरफ से सहमति पत्र पर रनवीर जंगहारा, महेश चंदेलिया, सुनील मकवाना, राजू चेरे, विशाल, नितिन, विशाल पहलवान आदि ने साइन किए हैं। सहायक प्रबंधक स्वास्थ्य गौरव की तरफ से सूरजपुर थाना को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि छह जुलाई को हुए समझौते पर सहमति संयुक्त मोर्चा ने दे दी है।
सीईओ रवि कुमार एनजी का कहना है कि कर्मचारी काम पर वापस लौटें और शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने में सहयोग करें। प्राधिकरण खुद से ही उनके बेहतर भविष्य के लिए प्रयासरत है। पूर्व में भी इसी को ध्यान में रखते हुए वेतन बढ़ोतरी की गई थी।