संभल। 24 कोसीय तीर्थ परिक्रमा के पूर्ण होने के दौरान तीर्थ श्री वंशगोपाल पर साधु-संतों की मौजूदगी भी रही। श्रद्धालु पूजा अर्चना कर रहे थे तो साधु संत भगवान श्री कल्कि के जयकारे लगाकर उत्साह को और बढ़ाते रहे और उन्हें आशीर्वाद दिया। साधु संतों ने कहा कि तीर्थों से संभल की अलग पहचान है। यहां की भूमि और चमकनी चाहिए। जो तीर्थ हैं उनका विकास कराया जाए। बोले-जिन तीर्थों की भूमि पर कब्जा है उसे हटवाया जाए। ताकि तीर्थों को अपना स्वरूप मिल सके। कहा कि संभल को तीर्थ नगरी घोषित किया जाना चाहिए। 0000000000
.समर्पण भाव से संभल के तीर्थ श्री वंशगोपाल पर आते हैं। मुख्यमंत्री से मांग है कि संभल को तीर्थ नगरी घोषित किया जाए। तीर्थों की भूमि को कब्जामुक्त कराया जाए।
-धर्म मुनि, नगली तीर्थ मेरठ
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.संभल की भूमि और चमकनी चाहिए। तीर्थों का विकास कराया जाए। यहां के तीर्थों की भूमि से भी अवैध कब्जे हटाए जाने चाहिए। पूरे तन, मन से इस धरती को नमन करते हैं।
-संत श्री सेवादास, राधाकृष्ण आश्रम लतीपुर धीर
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तीन साल से पूरे सेवा भाव से तीर्थ श्री वंशगोपाल पर आ रहे हैं। परिक्रमा के वक्त एक सप्ताह रहकर सेवा करते हैं। हमारी मनोकामना है कि मन में सेवा का भाव बना रहे रहे।
-श्री 108 विष्णुदास महाराज, शिव मंदिर बंगर बाबा आश्रम अजीजपुर