सहालग शुरू, एक दूजे के हुए शहर में 400 जोड़े
-अबूझ साये में शहर में बजी शहनाइयां, सड़कों पर रहा जाम, फूलों की दुकानों पर दिखाई दी भीड़
संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा। देवोत्थान एकादशी के साथ ही बृहस्पतिवार से शादी-विवाह और मांगलिक कार्य शुरू हो गए। करीब चार माह बाद बृहस्पतिवार को शादी की शहनाईं गूंजी। शादी के आयोजनों से जुड़े लोगों के अनुसार शहरभर में लगभग 400 शादियां हुईं। इसकी धूम वैवाहिक स्थलों से लेकर सड़कों तक दिखाई दी। अबूझ साया होने की वजह से शहर के अधिकांश बारात घर और वैवाहिक स्थल की बुकिंग रही। नोएडा के कई इलाकों में वैवाहिक स्थलों और बैंक्वेट हॉल के सामने उत्साह देखने को मिला। फिल्मी गानाें पर बाराती थिरकते नजर आए। इस दौरान लोगों को कई इलाकों में जाम की समस्या से भी जूझना पड़ा। वहीं बृहस्पतिवार को घर-घर में देव उठनी एकादशी पर देवों को उठाया गया। शाम को घर के चौक या आंगन में देवों के चित्र उकेर कर उनकी पूजा की गई। शाम को कई जगह महिलाओं ने एकजुट होकर देवों को जगाया। भजन गाकर उन्हें नमन किया और घर की सुख शांति की कामना की। इस मौके पर गन्ने, सिंघाड़े, मूली, बैंगन आदि देवों को चढ़ाया गया। शहर के सेक्टर-2 स्थित लाल मंदिर, सेक्टर- 17 स्थित सनातन धर्म मंदिर, सेक्टर 100 स्थित बोड़ा महादेव मंदिर, सेक्टर-56 स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर समेत सेक्टर और सोसाइटियों में धूमधाम से तुलसी शालिग्राम विवाह उत्सव कार्यक्रम आयोजन किए गए।
1000 से 1500 रुपये महंगी हुई गाड़ियों की सजावट
देवोत्थान एकादशी पर ज्यादा सहालग होेने का असर फूलों पर भी नजर आया। आम दिनों के मुकाबले गुलाब और माेगरा के फूल की कीमतों में बढ़ाेत्तरी देखी गई। सुबह से फेस-2 स्थित फूलों की मंडी में माला और गाड़ियों की सजावट के लिए भीड़ रही। गाड़ियों की सजावट रेट 2000 से 10,000 रुपये तक रहे। वहीं, आम दिनाें से गाड़ियों की सजावट के लिए 1000 से 1500 रुपये लोगों को ज्यादा देने पड़े। फूल विक्रेता धीरज ने बताया फूल की आवक कम और मांग अधिक होने से कीमत बढ़ गई है। इस लिए वरमाला से लेकर गाड़ियों की सजावट पर दाम बढ़ गए हैं। इसके अलावा ब्यूटी पार्लरों पर सुबह से शाम तक भीड़ रही।
लाल मंदिर में शालिग्राम की निकाली बारात
देव प्रबोधनी एकादशी पर सेक्टर-2 स्थित लाल मंदिर में तुलसी शालिग्राम विवाह उत्सव धूमधाम से मनाया गया। यहां सुबह शालिग्राम बारात लेकर तुलसी जी को व्याहने के लिए पहुंचे। बैंडबाजों के साथ भक्तिभाव में डूबे भक्त भी बारात में शामिल हुए और जमकर थिरके। इसके बाद विधि-विधान से तुलसी जी और शालिग्राम का विवाह किया गया। तुलसी जी को लाल रंग का लहंगा पहनाया गया और पूरा शृंगार किया गया। इसके बाद भजन कीर्तन का आयोजन हुआ और प्रसाद वितरण किया गया।