कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करते शाहबेरी गावं के निवासी।
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शाहबेरी के निवासियों का कलेक्ट्रेट-प्राधिकरण पर प्रदर्शन
ग्रेटर नोएडा। शाहबेरी के निवासियों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर प्रदर्शन किया। साथ ही कलेक्ट्रेट पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ के नाम एडीएम प्रशासन को मांग पत्र सौंपा। इसके बाद लिखित में कार्रवाई रोकने के आश्वासन को लेकर धरना शुरू कर दिया। इस पर एडीएम ने तीन दिन का समय लेकर धरना समाप्त कराया।
मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देकर शाहबेरी के निवासियों ने मांग की है कि गांव के सभी मकानों और दुकानों को नियमित किया जाए। उनका कहना है कि दो बिल्डिंग गिरने की घटना के बाद प्राधिकरण ने बिना जांच के भवनों को तोड़ने का फरमान जारी कर दिया। सवाल उठाया कि उससे पहले प्राधिकरण कहां था। निर्माण की जानकारी प्राधिकरण, लेखपाल, सब रजिस्ट्रार और स्थानीय पुलिस को थी, लेकिन किसी ने निर्माण नहीं रोका गया। फ्लैट व दुकान खरीदने वालों को जागरूक तक नहीं किया। उसकी का परिणाम है कि आज लाखों की संख्या में लोग फंसे हैं। प्राधिकरण अफसरों पर रिश्वत लेकर निर्माण कराने का आरोप लगाया है। लोगों ने बताया कि शासन की तरफ से अनधिकृत कालोनियों को रोकने का आदेश जारी किया गया था। अनधिकृत कालोनी में सभी सुविधाएं उपलब्ध करानी थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। साथ ही दोषी बिल्डरों के खिलाफ कार्रवाई कर उनकी संपत्ति जब्त करनी थी और खरीदारों को उनका पैसा लौटाना था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। मांग की है कि नाकाम अफसरों और कर्मचारियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई के साथ ही एफआईआर भी दर्ज कराएं।
सीईओ से कार्रवाई रोकने की मांग
दोपहर बाद शाहबेरी के निवासी ग्रेनो प्राधिकरण के बाहर पहुंचे। वहां प्रदर्शन करते हुए सीईओ नरेंद्र भूषण को ज्ञापन देने की मांग की। ओएसडी ने ज्ञापन लिया। उसमें लोगों ने तोड़फोड़ की कार्रवाई को रोकने के साथ-साथ इसका रास्ता निकालने की मांग की है। ताकि, जिंदगी भर की कमाई लगाकर खरीदे गए घर को बचाया जा सके।