गरीब परिवार की बेटी के लिए इकट्ठा कर रहे फंड
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। शहर में रिश्ते सिर्फ घरों की चारदीवारी तक सीमित नहीं हैं। कुछ सेक्टरों में पड़ोसी और आरडब्ल्यूए सुख-दुख की घड़ी में परिवार की तरह साथ खड़े नजर आते हैं। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए शादी-ब्याह, धार्मिक आयोजन या किसी अन्य सामाजिक कार्यक्रम के दौरान बारात घर और सामुदायिक केंद्र का खर्च भी बड़ी चिंता होता है। ऐसे में कुछ आरडब्ल्यूए अपने ही लोगों के लिए सामुदायिक केंद्र और बारात घर निशुल्क उपलब्ध करा रहे हैं।
सेक्टर-47, 55, 56, 27 और कंचनजंगा अपार्टमेंट में आरडब्ल्यूए की ओर से ऐसी व्यवस्था की गई है। यहां रहने वाले लोग जरूरत के समय इन स्थानों का उपयोग कर सकते हैं। इससे खासकर उन परिवारों को राहत मिलती है, जिनके लिए आयोजन का खर्च जुटाना आसान नहीं होता। सेक्टर-47 और 55 में सामुदायिक सुविधाओं का उपयोग सामाजिक आयोजनों के लिए किया जाता है। सेक्टर-56 में भी आरडब्ल्यूए की ओर से स्थानीय निवासियों को कार्यक्रमों के लिए जगह उपलब्ध कराने की पहल की गई है। वहीं कंचनजंगा अपार्टमेंट में भी जरूरत के समय निवासियों के साथ खड़े होने की परंपरा देखने को मिलती है। आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों का कहना है कि सोसाइटी या सेक्टर सिर्फ मकानों का समूह नहीं, बल्कि एक परिवार की तरह है। किसी के घर शादी हो तो खुशी साझा होनी चाहिए और किसी परिवार पर दुख आए तो पड़ोसी उसके साथ खड़े हों। निशुल्क जगह देने की पहल इसी सोच का हिस्सा है।
क्या हैं नि:शुल्क देने के नियम
नोएडा प्राधिकरण के ओएसडी इंदु प्रकाश सिंह ने बताया कि अधिकतर सेक्टरों में जहां आरडब्ल्यूए कार्यरत है, वह अपने अनुसार सामुदायिक केंद्र का जिम्मा संभालते हैं। वहीं जिन सेक्टरों में विवाद की स्थिति है या आरडब्ल्यूए नहीं है, तो वहां नोएडा प्राधिकरण खुद टेकओवर कर उसका संचालन करती है। हालांकि ऐसे किसी भी कार्य के लिए नि:शुल्क सुविधा देने का प्रावधान नहीं है।