सीडब्ल्यूसी ने आरडब्ल्यूए से पूछा, आवासीय सोसायटी में डे-केयर सेंटर चलाने की अनुमति क्यों दी गई, संचालिका से नाबालिग को काम पर रखने पर मांगा जवाब
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। बच्ची से क्रूरता मामले में बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) ने सेक्टर-137 स्थित पारस टियरा की आरडब्ल्यूए और डे-केयर चलाने वाली महिला को नोटिस भेजा है। उसने आरडब्ल्यूए से पूछा है कि आवासीय सोसायटी में डे-केयर सेंटर चलाने की अनुमति क्यों दी गई? संचालिका से पूछा गया कि उसने किस आधार पर नाबालिग को काम पर रखा है? यह जानकारी सीडब्ल्यूसी के अध्यक्ष डॉ. केसी किरमानी ने दी।
पुलिस जांच में पता चला है कि मई 2011 से ब्लिपी डे-केयर सेंटर सोसायटी के भूतल पर 3 बीएचके फ्लैट से चल रहा था। पिछले दिनों यहां काम करने वाली नाबालिग सहायिका पर 14 माह की बच्ची वेदांशी पटेल को पटकने, जांघों पर दांत से काटने का आरोप लगा था। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया था।
सहायिका को बाल सुधार गृह भेजा गया है। जहां पिछले दिनों उसने जमकर उपद्रव मचाया और चाकू के माध्यम से जाली काटकर भागने का प्रयास किया था।परिजन का आरोप है कि सेंटर संचालिका को सहायिका की हरकत के बारे में बताया था कि लेकिन उसने कोई मदद नहीं की।
16 साल है सहायिका की उम्र
मामले में पिछले दिनों श्रम विभाग और जिला प्रोबेशन विभाग की टीम ने भी सेंटर पर जांच की थी। घटना के बाद से सेंटर बंद है। सहायक श्रमायुक्त सुयश पांडेय ने बताया कि सहायिका ने अपने शैक्षणिक दस्तावेज दिखाए हैं उसके आधार पर उसकी उम्र 16 साल है। ऐसे में अब नाबालिग से श्रम कराने के मामले में संचालिका के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।