दो महीने बाद भी फीडर बसों के रूट तय नहीं
-ब्लू और एक्वा लाइन मेट्रो स्टेशनों से फीडर बस चलाने की योजना पर देरी की मार
-नोएडा और ग्रेनो प्राधिकरण को लेना है बसों के रूट पर फैसला
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। मेट्रो स्टेशनों से नोएडा और ग्रेटर नोएडा के सेक्टरों की राह आसान बनाने के लिए फीडर बसें चलाने की योजना पर देरी की मार पड़ रही है। नोएडा मेट्रो रेल निगम (एनएमआरसी) ने नौ रूटों का प्रस्ताव बनाकर नोएडा व ग्रेनो प्राधिकरण को भेजा हुआ है, लेकिन दो महीने बाद भी बसों के रूट फाइनल नहीं हो सके हैं। इसका खामियाजा मेट्रो से सफर करने वाले हजारों यात्रियों पर पड़ रहा है।
फरवरी की शुरूआत में ही एनएमआरसी ने दोनों प्राधिकरणों को बसों के रूट का प्रस्ताव भेज दिया था। प्राधिकरणों को अपने क्षेत्र में यात्रियों की सहूलियत के हिसाब नए सिरे से रूट तय करने हैं। नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों का दावा था कि जल्द ही रूट फाइनल कर दिए जाएंगे। रूट इस तरह से निर्धारित किए जाएंगे, जिससे कि यात्रियों को 15 मिनट के अंतराल पर स्टॉपेज पर बस मिल सके। दो महीने बीत जाने के बाद भी प्राधिकरण बसों के रूट तय नहीं कर पाया है।
25 बसों का किया जाना है संचालन
नोएडा-ग्रेटर नोएडा को जोड़ने वाली एक्वा लाइन मेट्रो के अलावा दिल्ली-नोएडा को जोड़ने वाली ब्लू लाइन मेट्रो के स्टेशनों से शहर के अलग-अलग सेक्टरों के बीच 25 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाना है। प्राधिकरण उन रूटों पर बसें चलाने की योजना बना रहा है। जो पहले निर्धारित थे, क्योंकि प्राधिकरण को दोबारा से बस शेल्टर आदि बनवाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। हालांकि इसके बाद प्रस्ताव पर मंजूरी की मुहर लगाने में देरी की जा रही है।
योजना में लगातार हो रही देरी
लास्ट माइल कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए फीडर बसों का संचालन करने की योजना पिछले साल सितंबर या अक्तूबर में ही सिरे चढऩी थी। लेकिन किसी कंपनी ने इसमें दिलचस्पी नहीं दिखाई थी। इसकी वजह से बस चलाने की योजना में लगातार देरी होती रही। अब एक कंपनी आगे आई है।