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Noida: रोटरी क्लब ऑफ नोएडा और तिरुपति आई सेंटर ने 'प्रोजेक्ट दृष्टि' का किया उद्घाटन, इन लोगों को मिलेगी मदद

Tue, 26 Nov 2024 02:31 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा

सार

रोटरी क्लब ऑफ नोएडा की अध्यक्ष और तिरुपति आई सेंटर की वरिष्ठ आई सर्जन डॉ. मोहिता शर्मा इस प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रही हैं। उन्होंने बताया कि 2024-2025 के लिए 300 मोतियाबिंद ऑपरेशन का लक्ष्य रखा गया है।
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'प्रोजेक्ट दृष्टि' का किया उद्घाटन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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रोटरी क्लब ऑफ नोएडा ने सेक्टर 33 नोएडा स्थित तिरुपति आई सेंटर में "प्रोजेक्ट दृष्टि" के तहत मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए विशेष कार्यक्रम का शुभारंभ किया। यह प्रोजेक्ट पिछले तीन वर्षों से चल रहा है और इसका मकसद आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को आधुनिक तकनीक द्वारा मोतियाबिंद के ऑपरेशन और लेंस प्रत्यारोपण की सुविधा प्रदान करना है।

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रोटरी क्लब ऑफ नोएडा की अध्यक्ष और तिरुपति आई सेंटर की वरिष्ठ आई सर्जन डॉ. मोहिता शर्मा इस प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रही हैं। उन्होंने बताया कि 2024-2025 के लिए 300 मोतियाबिंद ऑपरेशन का लक्ष्य रखा गया है। पहला सत्र 24 नवंबर को शुरू हुआ, जिसमें आठ ऑपरेशन किए गए। आने वाले दो महीनों में 150 ऑपरेशन और किए जाएंगे। दूसरा सत्र फरवरी-मार्च 2025 में होगा, जिसमें दोबारा 150 ऑपरेशन किए जाएंगे। इस पहल में रोटरी क्लब के सभी सदस्य सहयोग करेंगे। प्रोजेक्ट की चेयरपर्सन रोटेरियन सुची भाटला, को-चेयर रोटेरियन अंशु अग्रवाल और सदस्य रोटेरियन सुधीर मीठा हैं।
 

डॉ. मोहिता शर्मा ने बताया कि मोतियाबिंद का इलाज सही समय पर होना बेहद जरूरी है। यह धारणा कि मोतियाबिंद का ऑपरेशन पकने के बाद या केवल सर्दियों में किया जाना चाहिए, पूरी तरह गलत है। आज के आधुनिक तकनीक जैसे लेजर कैटरेक्ट सर्जरी के जरिए यह ऑपरेशन पूरे साल कभी भी किया जा सकता है। यह तकनीक ऑपरेशन करने और तुरंत लेंस लगाने में सक्षम है, जिससे मरीज को बहुत कम परहेज करना पड़ता है। तिरुपति आई सेंटर की टीम गौतम बुद्ध नगर जिले के गांवों में कैंप लगाकर मरीजों का चयन करती है। ऑपरेशन के लिए आने-जाने की व्यवस्था भी की जाती है। पिछले तीन वर्षों में सैकड़ों मरीजों का सफल इलाज हुआ है, जिससे उनकी आंखों में सुधार आया और वे अपने सामान्य जीवन व आजीविका में लौट आए हैं। इस पहल से उन लोगों को नई रोशनी मिल रही है, जो आर्थिक सीमाओं के कारण इलाज से वंचित रह जाते हैं। रोटरी क्लब ऑफ नोएडा और तिरुपति चैरिटेबल ट्रस्ट का यह प्रोजेक्ट समाज में सकारात्मक बदलाव ला रहा है।

 

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