पुलिस की गिरफ्त में पेट्रोल पंप सेल्समैन के हत्यारोपी।
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साथी को छुड़ाने के लिए बदमाशों ने की थी सेल्समैन की हत्या
ग्रेटर नोएडा। जहांगीरपुर स्थित पेट्रोल पंप पर 28 जून को कैश लूट का विरोध करने और साथी को छुड़ाने के लिए बदमाशों ने सेल्समैन की हत्या की थी। मामले में जेवर कोतवाली पुलिस और स्वाट-1 टीम ने शनिवार को दो गैंगस्टर को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, वारदात में शामिल दो आरोपी अभी फरार हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में प्रयोग किया गया एक तमंचा और बाइक भी बरामद की है।
प्रेसवार्ता में मामले का खुलासा करते हुए एसएसपी वैभव कृष्ण ने बताया कि 28 जून की दोपहर तीन बजे जहांगीरपुर थाना जेवर स्थित श्रद्धा फिलिंग स्टेशन पर बाइक सवार तीन नकाबपोश बदमाशों ने कैश लूटने के लिए धावा बोला था। पेट्रोल पंप कर्मियों ने लूट का विरोध किया। वहीं, जहांगीरपुर के मोहल्ला कुम्हारान निवासी सेल्समैन संजय ने एक बदमाश को पकड़ लिया। साथी को छुड़ाने और उनसे भिड़ने पर बदमाशों ने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी थी। मामले में मृतक के भाई उमेश की ओर से जेवर थाने में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ केस दर्ज कराया गया था। वारदात के खुलासे के लिए कई टीमों का गठन किया गया। शुक्रवार रात स्वाट-1 और जेवर थाना पुलिस जेवर-खुर्जा रोड पर नीमका गांव के पास एक बाइक पर आ रहे दो बदमाशों को गिरफ्तार किया। आरोपियों की पहचान हीरापुर अलीगढ़ निवासी यशपाल सिंह और रहमापुर स्यावली थाना सलेमपुर जिला बुलंदशहर निवासी ऋषिपाल के रूप में हुई। यशपाल के खिलाफ बादलपुर और ऋषिपाल के खिलाफ दनकौर में गैंगस्टर एक्ट के तहत मामले दर्ज हैं। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि जहांगीरपुर पेट्रोल पंप पर सेल्समैन की हत्या उन्होंने अपने साथी ओमपाल और संतराम को छुड़ाने के लिए की थी। मामले में खुर्जा का गैंगस्टर ओमपाल और संतराम फरार हैं। ओमपाल के खिलाफ भी 9 संगीन केस दर्ज हैं। दोनों की तलाश की जा रही है।
ऋषिपाल कर रहा था निगरानी
एसएसपी ने बताया कि वारदात वाले दिन चारों बदमाश पेट्रोल पंप पर पहुंचे। यशपाल, ओमपाल और संतराम नकाब पहनकर पंप के अंदर गए। जबकि ऋषिपाल पेट्रोल पंप के बाहर बाइक पर ही खड़े होकर निगरानी कर रहा था। वहीं, बदमाशों ने जिस बाइक का इस्तेमाल वारदात में किया था। वह लगभग सवा महीने पहले जिला अमरोहा के जोया क्षेत्र से लूटी गई थी।
वर्ष 2017 में एक साथ जेल गए थे आरोपी
एसएसपी ने बताया कि पकड़े गए दोनों आरोपियों को वर्ष 2017 में गौतमबुद्ध नगर की जिला कारागार में भेजा गया था। इसके अलावा दोनों बदमाशों पर कई संगीन मामले बुलंदशहर और गौतमबुद्ध नगर में दर्ज हैं। बताया कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।