बसों के लिए भटक रहे यात्री, मजबूरन निजी बस या कैब का सहारा ले रहे
अमर उजाला के उत्तराखंड समाज के साथ कम्युनिटी संवाद में उठा था मुद्दा
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संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। परी चौक से रोडवेज बसों का संचालन बंद होने के बाद अब बसें अंसल मॉल के सामने सर्विस रोड से ही वापस लौट रही हैं। शहर के अंदर अल्फा समेत अन्य सेक्टरों तक बसें नहीं पहुंच रहीं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बसों की तलाश में यात्री इधर-उधर भटकते रहते हैं, जबकि निजी बस संचालक इसका फायदा उठाकर सवारियां भर रहे हैं। रोडवेज बस न मिलने पर लोगों को कैब और अन्य निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे यात्रियों के साथ-साथ रोडवेज को भी हर माह लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है।
ग्रेटर नोएडा में उत्तर प्रदेश परिवहन निगम का बस अड्डा कासना में है। वहां पर्याप्त सवारियां न मिलने के कारण वर्षों से रोडवेज बसें परी चौक तक आती रही हैं। शहर और आसपास के लोग विभिन्न रूटों की बस पकड़ने के लिए परी चौक पहुंचते हैं। करीब एक वर्ष पहले पुलिस ने जाम की समस्या को देखते हुए परी चौक पर रोडवेज समेत अन्य बसों के खड़े होने पर रोक लगा दी थी। इसके बाद अंसल मॉल के सामने बसों के रुकने और यात्रियों को बैठाने के लिए स्थान निर्धारित किया गया। तय व्यवस्था के अनुसार बसों को अंसल मॉल से सवारियां लेकर अल्फा कॉमर्शियल बेल्ट, डेल्टा-1 गोलचक्कर और पी-3 होते हुए नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे की ओर जाना था। हालांकि पिछले दो माह से रोडवेज बस चालकों ने स्वयं ही रूट बदल लिया है। अब बसें अंसल मॉल के सामने सर्विस रोड पर सवारियां बैठाने के बाद नॉलेज पार्क अंडरपास से सीधे नोएडा एक्सप्रेसवे की ओर निकल जाती हैं। यहां एक के पीछे एक बसें खड़ी रहती हैं, जिससे अव्यवस्था बनी रहती है।
बसों के लिए भटकते रहते हैं यात्री
अंसल मॉल के सामने किस रूट की बस कहां से मिलेगी, इसके लिए कोई स्पष्ट व्यवस्था नहीं है। ऐसे में यात्री बसों की तलाश में परेशान होते रहते हैं। रोडवेज बस नहीं मिलने पर उन्हें निजी बसों या कैब का सहारा लेना पड़ता है।
रोडवेज बसें आतीं नहीं, निजी बस खुलेआम घूम रहीं
- परी चौक पर रोडवेज बसें नहीं मिलतीं, जबकि निजी बसें खुलेआम सवारियां भरती हैं। लोगों को अधिक किराया देकर कैब से यात्रा करनी पड़ती है। यही स्थिति नोएडा सेक्टर-37 में भी है, जहां रोडवेज बसें नहीं मिलतीं और निजी बसों में क्षमता से अधिक सवारियां बैठाई जाती हैं। इससे महिलाओं और छात्राओं को काफी दिक्कत होती है।
- आजाद निवासी बीटा-2
-परी चौक से उत्तराखंड के लिए जाने वाली बस सेवा करीब तीन साल पहले बंद की गई थी। अब हरिद्वार समेत अन्य स्थानों के लिए यात्रियों को पहले नोएडा या आनंद विहार जाना पड़ता है। परी चौक से अगर बसें चलानी ही हैं तो उत्तराखंड के लिए भी सीधी बस सेवा दोबारा शुरू की जाए।
-एसएस नेगी ग्रेटर नोएडा निवासी
-कई बार बस में सवारियां पूरी होने के बाद चालक बस को अंडरपास से निकालकर नोएडा एक्सप्रेसवे पर ले जाते हैं। अधिकांश बसें अल्फा-कॉमशियल वेल्ट से डेल्टा होकर पी-3 से नोएडा एक्सप्रेस वे पर पहुंचती हैं। यही रूट निर्धारित है।
-राजेश वर्मा, एआरएम, ग्रेटर नोएडा डिपो