स्पोर्ट्स सिटी के एक-एक प्रोजेक्ट का बनेगा रोडमैप
नोएडा। नोएडा प्राधिकरण स्पोर्ट्स सिटी के एक-एक प्रोजेक्ट का रोडमैप तैयार करेगा। इसका मकसद आवासीय के अलावा खेल सुविधाएं विकसित कर काम पूरा कराना होगा। इसके बाद फ्लैटों की रजिस्ट्री शुरू होगी। इससे पहले जमीन अलॉटमेंट नहीं होगा। रोडमैप को अगली बोर्ड बैठक में पेश किया जाएगा। इसके जरिये काम कराते हुए फ्लैटों में रहने वाले लोगों की रजिस्ट्री कराई जाएगी। साथ ही खेलों की सुविधाएं भी दिलाई जाएंगी।
दरअसल, प्राधिकरण ने 2010-11 में सेक्टर-78, 79, 101 और 150 के अलावा वर्ष 2014-15 में सेक्टर-150 व वर्ष 2015-16 में सेक्टर-152 में स्पोर्ट्स सिटी की योजना निकाली थी। सेक्टर-78, 79 और 101 में थ्रीसी ग्रीन डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड को 7.27 लाख वर्गमीटर, सेक्टर-150 में लॉजिक्स इंफ्रा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड को 8 लाख वर्गमीटर, सेक्टर-150 में थ्री सी ग्रीन डेवलपर्स स्पोर्ट्स सिटी प्राइवेट लिमिटेड को 12 लाख वर्गमीटर और सेक्टर-152 में एटीएस होम्स प्राइवेट लिमिटेड को 5 लाख वर्गमीटर जमीन का आवंटन किया गया। इसमें कुछ डेवलपर्स को कम जमीनों पर कब्जा मिला।
ऐसे होना था विकसित
स्पोर्ट्स सिटी में 30 प्रतिशत आवासीय सुविधा के अलावा 70 प्रतिशत क्षेत्र में खेलों की सुविधा विकसित करनी थी। इसमें गोल्फ कोर्स, अलग-अलग खेलों के मैदान, टेनिस सेंटर, स्वीमिंग पूल, खाने-पीने की दुकानें, आईटी सेंटर, जिम्नास्टिक, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, स्क्वैश, बास्केट बॉल, वॉलीबाल, क्रिकेट अकादमी, सड़कें, पार्क, अस्पताल, दवा की दुकानें सहित कई अन्य सुविधाएं विकसित करनी थी। यहां आवासीय के अलावा और कोई सुविधा विकसित नहीं की गई।
जमीन के 74 टुकड़े किए, 48 बिल्डरों का हुआ नक्शा पास
स्पोर्ट्स सिटी परियोजना में प्रमुख बिल्डरों ने पूरे प्रोजेक्ट के 74 अलग-अलग टुकड़े कर दिए। इसमें कुछ हिस्सा मुख्य बिल्डर के पास रहा। खास बात यह कि प्राधिकरण ने टुकड़े किए गए जमीनों में से 48 बिल्डरों के नाम से आवासीय जमीनों का नक्शा भी पास कर लिया।
3911 करोड़ का बकाया
स्पोर्ट्स सिटी परियोजना में चार बड़े बिल्डरों ने 62 छोटे-बड़े बिल्डरों को जमीन दे दिया। इन पर प्राधिकरण का 31 जुलाई 2020 तक 3911.07 करोड़ रुपये का बकाया है। अब यह बकाया चुकाना होगा।
प्राधिकरण स्पोर्ट्स सिटी परियोजना के एक-एक प्रोजेक्ट का रोडमैप तैयार करेगा। इसके अलावा जिन प्रोजेक्टों में खेल सुविधाएं तैयार होती जाएंगी, वहां फ्लैटों की रजिस्ट्री शुरू होती जाएगी। अगली बोर्ड बैठक में रोडमैप रखा जाएगा। इसका मकसद लोगों को आवासीय और खेल सुविधाएं दिलाना है।
- रितु माहेश्वरी, सीईओ, नोएडा प्राधिकरण