काम के लिए निविदा जारी, अभी परियोजना के लिए केंद्र से नहीं मिली है मंजूरी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली–पानीपत–करनाल नमो भारत कॉरिडोर को अभी तक केंद्र सरकार की औपचारिक स्वीकृति न मिली है लेकिन राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्रीय परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कॉरिडोर पर निर्माण शुरू करने से पहले सड़क चौड़ीकरण और टेलीकॉम की तारों को शिफ्ट करने का काम जल्द शुरू करने की तैयारी है। इसके लिए बीते दिनों निविदा भी जारी कर दी गई है। दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। पूरे कॉरिडोर पर नमो भारत का परिचालन जल्द शुरू होगा। ऐसे में माना जा रहा है कि एनसीआरटीसी नए कॉरिडोर पर काम शुरू करने जा रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि कॉरिडोर पर जब निर्माण कार्य शुरू होगा तो ट्रैफिक व्यवस्था में कोई दिक्कत न आए इसलिए सड़क का चौड़ीकरण किया जाएगा। इसके अलावा कई तरह के तार, पाइपलाइन, बिजली से संंबंधित उपकरण और खंभे आदि को हटाने का काम भी शुरू होगा। कॉपर और ऑप्टिकल फाइबर केबल की शिफ्टिंग व पुनर्स्थापन होगा। ठेकेदार को मौजूदा सभी टेलीकॉम तारों की पहचान और डिटेल रिपोर्ट तैयार करनी होगी जिसे एनसीआरटीसी की मंजूरी के बाद ही काम शुरू किया जाएगा।
100 किमी का काम हरियाणा में होगा
काॅरिडोर के 100 किमी का काम हरियाणा में होगा जबकि बाकी 36 किमी का हिस्सा दिल्ली से होकर गुजरेगा। एनसीआरटीसी ने पूरे 136 किलोमीटर के हिस्से को तीन खंडों में विभाजित किया है। पहला खंड सराय काले खां व अलीपुर, दूसरा अलीपुर व समालखा से पहले और तीसरा खंड समालखा व करनाल न्यू आईएसबीटी के बीच है। जब नमो भारत कॉरिडोर पूरा हो जाएगा तो यात्री दिल्ली से हकरनाल तक केवल 90 मिनट, कश्मीरी गेट से मुरथल तक 30 मिनट, इंद्रप्रस्थ से सोनीपत तक केवल 35 मिनट और कश्मीरी गेट से पानीपत तक एक घंटे में यात्रा कर सकेंगे।
दिल्ली में बनेंगे सात स्टेशन
प्रस्तावित कॉरिडोर सराय काले खां से शुरू होकर करनाल के न्यू आईएसबीटी पर समाप्त होगा। इसके 18 में से सात स्टेशन दिल्ली में होंगे। सराय काले खां के अलावा इंद्रप्रस्थ, कश्मीरी गेट, झड़ौदा कलां, भलस्वा चौक, अलीपुर और नरेला स्टेशन बनेंगे हैं। परिचालन को सहयोग देने के लिए मुरथल और गंजबार में एक-एक डिपो बनाने की योजना बनाई गई है।