ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे राया के पास प्रस्तावित हेरिटेज सिटी सही मायने में श्रीकृष्ण युग का एहसास कराएगी। हरा-भरा पाथवे, रीवर फ्रंट, धनवंतरि धाम, गुरुकुल, ऑक्सीजन एरेना जैसी तमाम प्राकृतिक छटा निवासियों को सुकून देंगी। यह सब हेरिटेज सिटी की परियोजना रिपोर्ट में शामिल की गई है। कंसलटेंट कंपनी ने इसे सोमवार को यीडा को सौंप दी है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि 840 हेक्टेयर में प्रस्तावित राया हेरिटेज सिटी तीन चरणों में विकसित की जाएगी। 2024-26 के बीच में पहला चरण विकसित किया जाएगा। इस चरण में रिवर फ्रंट और पर्यटन जोन विकसित किया जाएगा। दूसरा चरण 2027 से 30 के बीच में विकसित करने की तैयारी है। इस चरण में गुरुकुल, ध्यान केंद्र, कला केंद्र म्यूजियम, नेचुरोपैथी को बढ़ावा देने के लिए धनवंतरि धाम आदि विकसित होगी। 2031 के बाद तीसरा व अंतिम चरण विकसित होगा। इस फेज में ग्रीन जोन विकसित किया जाएगा।
दरअसल, यमुना प्राधिकरण ने करीब छह माह पहले राया में हेरिटेज सिटी विकसित करने का प्लान बनाया था। इसकी परियोजना रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी सीबीआरई कंपनी को दी गई। कंपनी ने सोमवार को यमुना प्राधिकरण को परियोजना रिपोर्ट सौंप दी है। इसी रिपोर्ट पर मंगलवार को कंपनी के प्रतिनिधि यमुना प्राधिकरण के अफसरों के सामने प्रस्तुतिकरण देंगे। आने वाले सुझावों को शामिल करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार को यह रिपोर्ट भेजी जाएगी।
840 हेक्टेयर में बनेगा हेरिटेज सिटी
हेरिटेज सिटी के तहत पर्यटन जोन 731 हेक्टेयर और रिवर फ्रंट 109 हेक्टेयर में विकसित किया जाएगा। यह जोन जहां पर विकसित होगा, उसमें 4 गांव आ रहे हैं। इसमें पानी गोप, दीवाना, धाकू व कल्याणपुर (कुछ हिस्सा) आएगा। इस जोन से मथुरा, वृंदावन, गोकुल और गोवर्धन को भी जोड़ा जा सकता है ताकि नए वृंदावन को नया महत्व मिल सके।
कंपनी ने मलेशिया व वियतनाम का किया अध्ययन
राया हेरिटेज सिटी की ड्राफ्ट रिपोर्ट तैयार करते समय देश-विदेश के कई हेरिटेज सिटी का अध्ययन किया गया है। रिपोर्ट बनाने वाली टीम ने मलेशिया की मलाका सिटी, वियतनाम के शहर का अध्ययन किया है।
बुलेट ट्रेन से जुड़ेगी हेरिटेज सिटी
राया सिटी की कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी। यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे प्रस्तावित हेरिटेज सिटी में को छूते हुए बरेली से भरतपुर तक स्टेट हाईवे भी निकलेगा। यहां रेल कनेक्टिविटी भी होगी। राया रेलवे स्टेशन प्रस्तावित सिटी से सिर्फ 5 किमी दूर है। बुलेट ट्रेन भी इस परियोजना के पास से निकलेगी। दिल्ली बनारस वाला बुलेट ट्रेन का ट्रैक इसी शहर के किनारे से गुजरेगा। इसलिए इससे भी इसकी कनेक्टिविटी मिल सकती है।
ताज को सहेजने का भी इंतजाम
जिस इलाके में राया सिटी विकसित की जानी है, वह ताज ट्रपैजियम जोन (टीटीजेड) में आता है। ताजमहल, फतेहपुर सीकरी, किला समेत तमाम सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के लिए यह जोन बनाया गया है ताकि यहां पर ऐसी गतिविधि ना हो, जिससे इन ऐतिहासिक इमारतों को नुकसान पहुंचे। इसके चलते इस योजना में प्रदूषण उत्सर्जन वाली गतिविधियां नहीं होंगी। यहां पर वाटर मैनेजमेंट, कूड़ा प्रबंधन आदि का विशेष ध्यान रखा जाएगा।