बलिया। रेवती हॉल्ट पर रेलवे स्टेशन की सुविधा बहाल की जाएगी। आने वाले दिनों में स्टेशन भवन के अलावा तीन ट्रैक का निर्माण होगा। डीआरएम आशीष जैन मंडलीय टीम के साथ 17 अक्तूबर को रेवती स्टेशन का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रस्तावित स्टेशन भवन, दो लूप लाइन व एक रनिंग लाइन, होम प्लेटफार्म व आईलैंड प्लेटफार्म तथा स्टेशन अधीक्षक व रिले रूम निर्माण के समेत विभिन्न सुविधा की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
छपरा-औड़िहार दोहरीकरण के दौरान रेवती स्टेशन को आईबीएस (इंटरमीडिएट ब्लाॅक स्टेशन) बना दिया गया। स्टेशन हाल्ट स्टेशन होने के बाद स्टेशन पर पहले की तरह जितनी यात्री गाड़ियों का स्टॉपेज था, उन्हें भी यथावत रखा गया है। लेकिन यात्री सुविधाओं पर विराम लग गया। प्लेटफार्म व लाइन का चल रहा निर्माण रुक गया। बिछाई गई लाइन को उखाड़ लिया गया। यात्रियों को ट्रेन पकड़ने के लिए नीचे उतर कर जाना पड़ता है।
क्षेत्रीय लोगों ने स्टेशन का दर्जा दिलाने के लिए दो बार लंबी लड़ाई लड़ी। सांसद ने स्टेशन का मुद्दा संसद भवन तक उठाकर स्टेशन का दर्जा बहाल करने की मांग की। लोगों के संघर्ष के बदौलत 25 दिसम्बर 2025 को रेलवे की तीन सदयीय टीम पहुंच कर स्थलीय सर्वे किया और नक्शा तैयार किया। उन्होंने स्टेशन पर दो लूप लाइन व एक रनिंग लाइन, होम प्लेटफाॅर्म व आईलैंड प्लेटफाॅर्म तथा स्टेशन अधीक्षक व रिले रूम समेत विभिन्न सुविधा बढ़ाने के लिए खाका तैयार कर बोर्ड को भेजा था।
टीम में यातायात अधीक्षक संजय सिंह, मंडल वाणिज्य निरीक्षक राजेंद्र कुमार, सीनियर सेक्शन इंजीनियर अशोक कुमार, सेक्शन इंजीनियर सिग्नल मिश्री लाल व सेक्शन इंजीनियर टेलीकॉम शामिल थे। डीआरएम आशीष जैन के निरीक्षण के बाद क्षेत्रीय लोगों की उम्मीद बढ़ी है। डीआरएम ने कहा कि बोर्ड से हरी झंडी मिलते ही निर्माण कार्य व यात्री सुविधाओं का विस्तार में तेजी आएगी। रेवती रेलवे स्टेशन का आजादी से जुड़ा इतिहास है।