फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Noida News: घर बैठे कमाई के नाम पर सेवानिवृत अपर महाप्रबंधक से 31 लाख की ठगी

विज्ञापन
विज्ञापन
घर बैठे कमाई के नाम पर सेवानिवृत अपर महाप्रबंधक से 31 लाख की ठगी
विज्ञापन


- जालसाजों ने 26 अलग-अलग खातों में ट्रांसफर की रकम, पुलिस जांच जारी

माई सिटी रिपोर्टर

नोएडा। साइबर जालसाजों ने घर बैठे कमाई के नाम पर सेवानिवृत्त अपर महाप्रबंधक से 31 लाख की ठगी कर ली। जालसाजों ने प्रीपेड टास्क के नाम पर निवेश कराकर वारदात को अंजाम दिया। सेक्टर-62 निवासी सत्यदेव सिंह की शिकायत पर साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
सेक्टर-62 स्थित सोसाइटी निवासी सत्यदेव सिंह एनटीपीसी के अपर महाप्रबंधक के पद से सेवानिवृत हुए थे। कुछ दिन पहले उनके मोबाइल पर किसी नंबर से मैसेज आया। जिसमें घर बैठे आसानी से अच्छी कमाई की बात कही गई थी। सत्यदेव ने उस नंबर पर संपर्क किया तो उसे एक टेलीग्राम ग्रुप पर जोड़ दिया गया। उन्हें चैनल को सब्सक्राइब करने का काम दिया गया। शुरुआत में हर चैनल को सब्सक्राइब करने पर 50 रुपये दिए गए। जालसाजों ने इसी तरह कई टास्क दिए और मुनाफा खाते में जमा कराया। इसके बाद प्रीपेड टास्क पूरा करने के लिए बोला गया। इसमें मुनाफा भी कई गुना होने की बात कही गई। झांसे में लेने के बाद जालसाजों ने शिकायतकर्ता से 31 लाख की ठगी कर ली।
विज्ञापन

आरोपियों ने 26 खाते में कुल रकम ट्रांसफर करा लिए। जब पीड़ित पर और पैसे निवेश करने का दबाव बनाया जाने लगा तो उसे ठगी की आशंका हुई। पैसे वापस मांगने पर जालसाजों ने शिकायतकर्ता को टेलीग्राम ग्रुप से बाहर कर दिया और नंबर भी बंद कर लिया। साइबर क्राइम थाने की प्रभारी रीता यादव ने बताया कि इस मामले में नाइजीरियन गिरोह की संलिप्तता का पता चला है और इस गैंग के बारे में जानकारी की जा रही है।
विज्ञापन



लाइक और फॉलो के नाम पर 13 लाख की ठगी

नोएडा। साइबर जालसाजों ने टेलीग्राम पर संपर्क कर युवक से भी 13 लाख रुपये की ठगी कर ली। सेक्टर-105 निवासी शशांक गौड़ ने पुलिस से शिकायत की है कि जालसाजों ने टेलीग्राम पर संपर्क कर यू-टयूब चैनल को लाइक और फॉलो करने का टास्क दिया था। टास्क देने वाले ने खुद को दिल्ली स्थित सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर कंपनी का कर्मचारी बताया था। शुरुआत में पीड़ित के खाते में कुछ रकम भेजी गई। बाद में धीरे धीरे जालसाजों ने 13 लाख रुपये निवेश करा लिए। रकम मांगने पर उसे लीग्राम ग्रुप से बाहर निकाल दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। ब्यूरो
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें