प्राधिकरण की प्लेटफॉर्म योजना के फुटकर विक्रेताओं को मिला स्टे
- गौतमबुद्ध नगर के सिविल जज की कोर्ट में हुई सुनवाई
- नोएडा के 927 फुटकर विक्रेताओं को मिलेगा लाभ
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। प्राधिकरण की 2004-05 की प्लेटफॉर्म योजना के तहत किराये पर जमीन लेकर काम कर रहे फुटकर विक्रेताओं के मामले में गौतमबुद्ध नगर के सिविल जज के कोर्ट ने स्टे लगा दिया है। कोर्ट ने स्टे ऑर्डर में इनको उक्त स्थल से नहीं हटाने को कहा है। इससे 927 फुटकर विक्रेताओं को राहत मिली है।
प्राधिकरण ने फुटकर विक्रेताओं के कामकाज के लिए सेक्टर-62, 31, 110 और 122 में किराये पर छोटे-छोटे प्लेटफॉर्म की स्कीम लांच की थी। इसमें 927 फुटकर विक्रेता शामिल हुए, बाद में प्राधिकरण ने यह कहते हुए स्कीम को खत्म करना शुरू कर दिया कि दुकानदार किराया नहीं जमा कर रहे हैं। प्राधिकरण का तो यह भी कहना है कि तीन-चार वर्ष पहले इनका पूरा ब्याज भी माफ कर दिया गया था। बावजूद इसके किराया जमा नहीं किया गया। ऐसे में प्राधिकरण ने इनको हटाने शुरू कर दिया। कई प्लेटफॉर्मों के आवंटन भी निरस्त कर दिए गए।
इसी कड़ी में 2019 में सब्जी मंडी, सेक्टर-62 रजत विहार के शहीद भगत सिंह मार्केट फल-सब्जी विक्रेता एसोसिएशन ने सिविल कोर्ट में जनहित वाद दायर किया। इसमें कोर्ट से राहत दिलाने की अपील की गई थी। विक्रेताओं की वकील रूही मुखर्जी ने बताया कि कोर्ट ने उन सभी विक्रेताओं के हक में स्टे ऑर्डर दिया है। कोर्ट का साफ कहना है कि किसी भी वैधानिक फुटकर विक्रेताओं को गैर कानूनी तरीके से उक्त स्थल से नहीं हटाया जाए।