यमुना पुश्ता की रिसर्फेसिंग शुरू नहीं, सेक्टर-150 से पानी निकासी की योजना भी नहीं बढ़ पाई आगे
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। शहर के विकास से जुड़ी दो परियोजनाएं नोएडा प्राधिकरण और सिंचाई विभाग के बीच में फंसी हुई हैं। पहली परियोजना यमुना पुश्ता रोड की रिसर्फेसिंग की है, जबकि दूसरी सेक्टर-150 समेत एक्सप्रेस-वे किनारे के 13 सेक्टरों से बारिश के पानी की निकासी की है। प्राधिकरण का कहना है कि धनराशि की किश्त सिंचाई विभाग को जारी किए एक माह से ज्यादा हो चुका है। वहीं, सिंचाई विभाग टेंडर स्वीकृति की प्रक्रिया का हवाला दे रहा है।
सेक्टर-94 से 135 तक 11.20 किलोमीटर लंबे यमुना पुश्ता रोड की रिसर्फेसिंग व सफाई की तैयारी प्राधिकरण अप्रैल से कर रहा है। इसके लिए प्राधिकरण ने सिंचाई विभाग को 11 करोड़ रुपये दिए हैं। पूरी परियोजना पर करीब 35 करोड़ रुपये का खर्च अनुमानित है।
16 जनवरी को सेक्टर के बीच तालाब बने प्लाॅट में डूबकर सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की मौत के बाद सेक्टर-150 का जलभराव बड़ा मुद्दा बना था। इसके बाद प्राधिकरण ने 13 सेक्टरों से बारिश का पानी निकलवाने का परियोजना प्रस्ताव सिंचाई विभाग से तैयार करवाया। परियोजना के तहत यहां पर नाला व हिंडन पर रेगुलेटर निर्माण होना है। इस पर 31 करोड़ की लागत आएगी, जो प्राधिकरण सिंचाई विभाग को देगा। योजना के तहत सेक्टर-150 के साथ 151, 152, 153, 154, 155, 156, 157, 158, 159, 160, 161, 162 तक बारिश के पानी की निकासी होनी है। यह मुद्दा एनजीटी में है फिर भी तेजी नहीं दिख रही है।
कोट-
सिंचाई विभाग को काम करवाना है। एमओयू हो चुका है। काम शुरू करवाने के लिए धनराशि भी जारी कर दी गई है। सिंचाई विभाग से लगातार संपर्क कर काम शुरू करवाने के लिए कहा भी जा रहा है।
-एके अरोड़ा, जीएम, नोएडा प्राधिकरण
कोई भी काम शुरू करवाने के लिए निर्धारित मंजूरी व परीक्षण की प्रक्रिया होती है। यह प्रक्रिया तकरीबन पूरी कर ली गई है। अब टेंडर जारी किए जाएंगे, फिर एजेंसी चयन कर निर्माण शुरू करवाया जाएगा।
-वीके सिंह, एक्सईएन, सिंचाई विभाग