नोएडा। बड़े शहरों में जमीन की कमी और कीमतें बढ़ने की वजह से लोग आसमान छूती इमारतों में रहने लगे हैं। गुरुग्राम हादसे के बाद पूरे एनसीआर की सोसाइटियों में इस बात की चर्चा है कि ऐसा क्या हुआ कि कई फ्लोर ढह गए। इससे निवासी चिंतित है। दरअसल नोएडा में भी कई ऊंची इमारत हैं। सोसाइटी में रहने वाले लोग चर्चा कर रहे हैं कि इसके लिए जिम्मेदार कौन है। हादसा इतना भयानक था इसकी चर्चा शुक्रवार को दिन भर रही।
वहीं शुक्रवार को सेक्टर-78 की हाइड पार्क सोसाइटी में प्लास्टर गिरने से निवासी सहम गए। निवासी अजय ने बताया कि किचन की छत का प्लास्टर गिरने से पंखा टेढ़ा हो गया। गनीमत रही कि किसी को चोट नहीं आई। हादसे के समय महिला किचन में काम कर रही थीं। एक मिनट पहले ही वह किचन से निकली थीं। लोगों का कहना है कि यह पहली घटना नहीं है। ऐेसी घटनाएं आए दिन होती रहती है। कुछ दिन पहले कार के ऊपर भी प्लास्टर गिरा था। हाइड पार्क में निवासियों ने जुलाई 2021 में प्राधिकरण की सीईओ के साथ बैठक की थी। बैठक के बाद बिल्डर और एओए को स्ट्रक्चरल ऑडिट का नोटिस जारी हुआ था। हालांकि आज तक यह ऑडिट नहीं हो पाया, अगर ये ऑडिट हो जाता तो बिल्डर के घोटाले की पोल खुल जाती। लोगों का कहना है कि अगर उनकी समस्या का जल्द ही समाधान नहीं किया गया तो वह प्रदर्शन करेंगे।
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इन सोसाइटियों में भी हुई हैं ऐसी घटनाएं
सेक्टर-74 केपटाउन सोसाइटी में कई घटनाएं हो चुकी है। एओए अध्यक्ष अरुण शर्मा का आरोप है कि सोसाइटी के निर्माण में बिल्डर ने घटिया निर्माण सामग्री का प्रयोग किया है। इसी वजह से आए दिन प्लास्टर गिरने की घटनाएं हमारे यहां भी हो रही है। वहीं सेक्टर-119 की एल्डिको आमंत्रण सोसाइटी की छठी मंजिल का छज्जा टूटकर गिर गया था। इसमें 4 साल का बच्चा बाल-बाल बचा था। सेक्टर-77 प्रतीक विस्टीरिया में भी प्लास्टर गिरने की घटनाएं हो चुकी है।
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स्ट्रक्चरल ऑडिट के लिए बहुत पहले शिकायत की गई थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। हमलोग सोसाइटी में घूमने निकलते हैं तो दीवार के बगल से नहीं निकलते।
- सुजीत कुमार, निवासी हाइड पार्क सेक्टर-78
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घटिया निर्माण सामग्री का प्रयोग किया गया है। कई घटनाएं हो चुकी है। प्राधिकरण एक बार ऑडिट कराए। करोड़ों रुपये मेेंटेनेंस के जाते हैं, पर कोई कार्य नहीं कराया जा रहा है। बच्चों को अकेला घर से बहार भेजने में भी डर लगता है।
- विकास शर्मा, निवासी हाइड पार्क
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अभी तक माल का नुकसान हो रहा है, लेकिन जान का नुकसान कभी भी हो सकता है। बिल्डर और एक गैंग चुपचाप गायब है। कितनी लाइफ बची है बिल्डिंग की पता नहीं। प्राधिकरण ने पिछले साल स्ट्रक्चरल ऑडिट के लिए नोटिस जारी किया था।
- अजय पांडे निवासी सेक्टर-78 हाइड पार्क
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बिल्डरों और नोएडा प्राधिकरण की नाकामी के कारण हम लोगों को अपनी जेब से खर्च करके सोसाइटी को मरम्मत करानी पड़ रही है। प्राधिकरण का कुछ खर्च नहीं होना। बिल्डरों को मेंटेनेंस का आदेश देना चाहिए ।
- अमित गुप्ता, सेक्टर-77 प्रतीक विस्टीरिया के एओए अध्यक्ष