निवासियों ने बताया कि ए और बी टॉवर में चार लिफ्ट लगी हैं, जिनमें से सिर्फ एक लिफ्ट ही काम कर रही है। बी टॉवर की दो लिफ्ट में से एक 4 महीने से बंद है, जबकि दूसरी लिफ्ट का मेंटेनेंस कई महीनों से नहीं हुआ है।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित एम्स ग्रीन एवेन्यू सोसाइटी के निवासी लिफ्टों की बदहाल हालत और मेंटेनेंस की लचर व्यवस्था से परेशान हैं। सोसाइटी के 10 टावरों में 20 लिफ्ट हैं, लेकिन इनमें से अधिकांश लंबे समय से बंद पड़ी हैं। वहीं, जो चल रही हैं।वह कभी भी बंद हो जाती हैं। जिसके कारण कई निवासी लिफ्ट में फंस चुके हैं। निवासियों का आरोप है कि कई बार मेंटेनेंस से शिकायत करने के बाद भी स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है।
विज्ञापन
निवासियों ने बताया कि ए और बी टॉवर में चार लिफ्ट लगी हैं, जिनमें से सिर्फ एक लिफ्ट ही काम कर रही है। बी टॉवर की दो लिफ्ट में से एक 4 महीने से बंद है, जबकि दूसरी लिफ्ट का मेंटेनेंस कई महीनों से नहीं हुआ है। इतनी आवाजें आती हैं कि बच्चे और बुजुर्ग डर के मारे उसका उपयोग नहीं कर रहे हैं। इसके चलते ए टॉवर की दो लिफ्ट में से एक कई महीने से बंद है और दूसरी पर पूरा दबाव है।
निवासियों ने बताया कि जो लिफ्टें चालू हैं, उनमें भी अचानक कई फ्लोर नीचे गिरने जैसे झटके लगते हैं, कभी भी अचानक बंद हो जाती हैं। आए दिन यह समस्याएं बनी रहती हैं। यह न सिर्फ असुविधा, बल्कि गंभीर सुरक्षा खतरा भी है।
विज्ञापन
वहीं, डी टॉवर की एक लिफ्ट करीब एक साल से बंद है, जबकि दूसरी भी अक्सर खराब रहती है। इस कारण बच्चों, बुज़ुर्गों और बीमार लोगों को रोजाना 15–20 मंजिल सीढ़ियों से चढ़ना-उतरना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि लंबा इंतजार और भीड़भाड़ कई बार टकराव का कारण भी बनते हैं। पहले भी भीड़ की वजह से कुत्तों के काटने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
निवासियों का कहना है कि उन्होंने कई बार बिल्डर और मेंटेनेंस टीम को शिकायत दी है, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। निवासियों ने प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से मदद की मांग की है। ताकि लिफ्टों की मरम्मत और सुरक्षा जांच तुरंत हो सके और मूलभूत सुविधाएं सुचारू रूप से बहाल हों।