स्मार्ट टाउनशिप में घर और दुकान खरीदने का मिलेगा मौका
- आईआईटीजीएनएल की 46वीं बोर्ड बैठक में लगी मुहर, जल्द लांच होगी टाउनशिप की पहली रिहायशी और वाणिज्यिक योजना
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। दिल्ली-मुबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के दादरी के पास लगभग 747.5 एकड़ में बसाई गई इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप (आईआईटीजीएनएल) में घर और दुकाने खरीदने का मौका मिलेगा। स्मार्ट टाउनशिप में अभी तक आवासीय और वाणिज्यिक योजना लांच नहीं की गई थी। योजना में भूखंड पाने के लिए ई-नीलामी में शामिल होना पडे़गा। इसके शुक्रवार को आईआईटीजीएनएल की 46वीं बोर्ड बैठक में यह फैसला लिया गया।
दरअसल, ग्रेटर नोएडा-दादरी के मायचा गांव के पास यह स्मार्ट टाउनशिप बसाई गई है। प्लग एंड प्ले इन्फ्रास्ट्रक्चर एवं ऑटोमैटिक सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम से लैस यह शहर को डीएमआईसी और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के संयुक्त उपक्रम डीएमआईसी इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप ग्रेटर नोएडा लिमिटेड ने विकसित किया है। यहां पर हायर इलेक्ट्रॉनिक्स, फॉर्मी मोबाइल, सत्कृति इंफोटेनमेंट, चेनफेंग (एलईडी कंपनी), जे वर्ल्ड इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी कंपनियों ने यहां निवेश किया है। टाउनशिप में रिहायशी एरिया को विकसित करने की लंबे समय से मांग की जा रही थी।
ग्रेनो प्राधिकरण की सीईओ व आईआईटीजीएनएल की प्रबंध निदेशक रितु माहेश्वरी की पहल पर अब इस टाउनशिप में लोगों को आवासीय और वाणिज्यिक प्रतिष्ठान के लिए आगे बढ़कर कदम उठाया। बोर्ड बैठक में इस आवासीय और वाणिज्यिक योजना का प्रस्ताव रखा गया। जिसे पास करते हुए बोर्ड ने मुहर लगा दी। इसके अलावा ग्रुप हाउसिंग योजना के तहत कुल 60.69 एकड़ एरिया में 8 ग्रुप हाउसिंग भूखंडों की स्कीम लाई जाएगी। इनमें 17,400 वर्ग मीटर से लेकर 56,300 वर्ग मीटर तक के भूखंड शामिल किए गए हैं। इनमें 5.25 का एफएआर होगा और इनका रिजर्व प्राइस 43,000 रुपये प्रति वर्गमीटर रखा गया है। इसी तरह आठ वाणिज्यिक मिक्स यूज भूखंडों की योजना भी लाई जाएगी। इसमें 10,800 से लेकर 39,900 वर्गमीटर तक है। इनका रिजर्व प्राइस 74000 रुपये प्रति वर्गमीटर है। इन भूखंडों के लिए 5.5 का एफएआर होगा।
औद्योगिक भूखंड पर 35 के बजाय कर सकेंगे 55 फीसदी पर निर्माण
स्मार्ट टाउनशिप में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की ही भवन नियमावली लागू है। इससे टाउनशिप मेें भूखंड लेने वाले आवंटियों को 35 फीसदी ग्राउंड कवरेज ही मिलता रहा है। इस कारण आईआईटीजीएनएल में अभी भी 16 भूखंड खाली हैं। निवेशकों ने ग्राउंड कवरेज कम होने के कारण इन भूखंडों को लेने में असमर्थता जताई थी। इसके बाद ग्राउंड कवरेज को 35 फीसदी से 55 फीसदी करने के लिए प्रस्ताव को पहले ग्रेनो प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में रखा गया। शुक्रवार को डीएमआईसी-आईआईटीजीएनएल की बोर्ड ने भी मुहर लगा दी है। अब भवन नियमावली में संशोधन करने के प्रस्ताव पर जन सामान्य से सुझाव व आपत्ति मांगी जाएगी। आईआईटीजीएनएल की प्रबंध निदेशक रितु माहेश्वरी का कहना है कि इस फैसले से टाउनशिप में औद्योगिक भूखंड खरीदने वाले उद्यमी कम क्षेत्रफल पर अपनी जरूरत के अनुसार अधिक निर्माण कर सकेंगे।