जानकारी के अनुसा कोतवाली क्षेत्र स्थित अरिहंत अम्बर सोसायटी के टावर-डी में रहने वाले विकास चावला शनिवार को अपने दोपहिया वाहन से घर से मार्केट के लिए निकले थे। विकास एक निजी कंपनी में कार्यरत थे और परिवार के साथ सोसायटी में रहते थे। परिवार में पत्नी, बच्चे और माता-पिता शामिल हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विकास पार्किंग क्षेत्र से बाइक निकालकर जैसे ही सोसायटी के खुले हिस्से में पहुंचे, तभी टावर की ऊपरी मंजिल से प्लास्टर का बड़ा हिस्सा टूटकर उनके ऊपर आ गिरा। अचानक हुए इस हादसे से विकास का संतुलन बिगड़ गया और उनकी बाइक सामने मौजूद दीवार से जा टकराई। प्लास्टर गिरने और टक्कर की तेज आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग मौके की ओर दौड़े।
हादसे में विकास गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों और अन्य निवासियों ने बिना समय गंवाए उन्हें नजदीकी एक निजी अस्पताल पहुंचाया। हालांकि चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। अस्पताल और सोसायटी परिसर में शोक और गम का माहौल छा गया। फिलहाल पुलिस मामले की जानकारी जुटा रही हैं। वहीं, विकास चावला की असमय मौत से परिवार और परिचितों में गहरा शोक व्याप्त है। एसएसआई राजवीर सिंह ने बताया कि शव को कब्जे में लेने के बाद पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मामले की जांच की जा रही है।
निवासियों का कहना है कि सोसायटी की इमारतों से प्लास्टर टूटकर गिरने की समस्या नई नहीं है। कई बार बिल्डर प्रबंधन और मेंटेनेंस एजेंसी को इसकी शिकायत की गई थी। लोगों ने आरोप लगाया कि टावरों की बाहरी दीवारों और छज्जों से लगातार प्लास्टर उखड़ रहा था, लेकिन सुरक्षा की दृष्टि से कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। यदि समय रहते मरम्मत और निरीक्षण कराया गया होता तो इस हादसे को टाला जा सकता था। गौरतलब है कि पहले भी ग्रेटर नोएडा वेस्ट की विभिन्न सोसायटियों में प्लास्टर गिरने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। जिनमें कई लोग घायल हुए हैं। इसके बावजूद बिल्डरों और संबंधित एजेंसियों द्वारा भवनों की संरचनात्मक सुरक्षा को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। लोगों का कहना है कि ऊंची इमारतों में रहने वाले हजारों परिवारों की सुरक्षा दांव पर लगी हुई है।
निवासियों में दिखा आक्रोश
इस हादसे ने एक बार फिर बहुमंजिला आवासीय सोसायटियों की निर्माण गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद निवासियों में भारी आक्रोश है। लोगों ने जिम्मेदार अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और सोसायटी की इमारतों का तकनीकी ऑडिट कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में और भी बड़े हादसे हो सकते हैं। वहीं मीडिया सेल का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।