397 प्रोजेक्टों को कारण बताओ नोटिस जारी
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) के आदेश के बाद भी बिल्डर खरीदारों को फ्लैट पर कब्जा नहीं दे रहे हैं। रेरा ने आदेश का पालन नहीं करने वाले 397 प्रोजेक्टों को चिह्नित कर कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस के जवाब में ठोस कारण नहीं मिलने पर बिल्डरों पर प्रोजेक्ट की कुल कीमत का पांच प्रतिशत जुर्माना लगाया जाएगा। इनमें से 22 बिल्डरों को 23 अक्तूबर को रेरा कार्यालय में तलब किया गया है। बैठक में जुर्माने पर फैसला होगा। इन बिल्डरों में गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण भी शामिल है।
यूपी रेरा की पीठ खरीदारों की शिकायत पर सुनवाई कर रही है। सुनवाई के दौरान बिल्डर फ्लैट पर कब्जा देने को तैयार हो जाता है। इस संबंध में पीठ के समक्ष शपथ पत्र भी देता है। आदेश जारी होने के बाद 45 दिन के अंदर बिल्डर को फ्लैट पर कब्जा देना होता है, लेकिन बिल्डर ऐसा नहीं कर रहे हैं। यूपी रेरा ने 397 प्रोजेक्टों को चिह्नित कर इनमें से 22 बिल्डरों को तलब किया है। बैठक में सभी को स्पष्टीकरण के साथ उपस्थित होना होगा। अगर रेरा बिल्डर के स्पष्टीकरण से संतुष्ट नहीं हुआ तो प्रोजेक्ट की कुल लागत का पांच प्रतिशत जुर्माना लगाया जाएगा।
प्राधिकरण को भेजा गया नोटिस
ऋषि खरे ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के खिलाफ शिकायत की थी। मामले में 13 मार्च, 2019 को रेरा ने बीएचएस 12/13 योजना के ब्रोशर की शर्तों के तहत व रेरा लागू होने के बाद से कब्जा देने तक खरीदार को ब्याज देने का आदेश जारी किया गया था। साथ ही आदेश जारी होने के 45 दिन के अंदर खरीदार को कब्जा देने के निर्देश दिए गए थे। इसी 9 जुलाई को खरीदार ने रेरा को बताया कि आदेश का पालन नहीं किया गया है। उसकी शिकायत पर रेरा ने प्राधिकरण को नोटिस जारी कर आदेश का पालन कर रिपोर्ट मांगी। प्राधिकरण ने आदेश का पालन नहीं किया। इस पर रेरा ने प्राधिकरण को नोटिस भेजकर जवाब मांगा और अर्थदंड लगाने की कार्रवाई की चेतावनी दी। प्रोजेक्ट की कुल लागत का 5 प्रतिशत जुर्माना करीब 371 लाख रुपये प्राधिकरण से वसूला जाएगा। प्राधिकरण को नोटिस जारी कर 23 अक्तूबर को स्पष्टीकरण के साथ उपस्थित होने को कहा गया है। उपस्थिति नहीं होने पर रेरा अपने स्तर पर कार्रवाई करेगा।