‘शाहबेरी में रजिस्ट्री हो रही थीं इसलिए किए होम लोन’
ग्रेटर नोएडा। शाहबेरी में अवैध रूप से किए गए निर्माण, कोर्ट के स्थगनादेश के बावजूद रजिस्ट्री और अवैध भवनों पर होम लोन को लेकर एक दूसरे के पाले में गेंद फेंकने का सिलसिला जारी है। पुलिस का कहना है कि अवैध भवनों पर किए गए होम लोन को लेकर बैंकों को नोटिस दिए गए थे। इस पर बैंकों ने जवाब दिया था कि शाहबेरी के भवनों की रजिस्ट्री हो रही थीं, इसलिए होम लोन स्वीकृत किए। खरीदारों के किश्त रोकने पर उनके फ्लैट जब्त करने की बात कही गई। वहीं सवाल यह उठ रहा है कि ग्रेनो प्राधिकरण के शाहबेरी के फ्लैटों को अवैध और असुरक्षित घोषित किए जाने के बाद क्या बैंक इनसे होम लोन की क्षतिपूर्ति कर पाएंगे।
‘अमर उजाला’ में शाहबेरी केस के संबंध में प्रवर्तन निदेशालय के साक्ष्य जुटाने का एक्सक्लूसिव समाचार प्रकाशित होने के बाद बैंक, बिल्डर और विभिन्न विभागों में अफरा-तफरी का माहौल है। सभी को ईडी व सीबीआई की जांच उन तक पहुंचने की आशंका है। ऐसे में पुलिस की ओर से जानकारी दी गई है कि उन्होंने अवैध भवनों पर होम लोन करने वाले सभी बैंकों को नोटिस दिए थे। लेकिन बैंकों के नोटिस का जवाब देने के बाद आगे कोई कार्रवाई नहीं की गई। बैंकों ने नोटिस के जवाब में यह भी कहा था कि आर्किटेक्ट और लीगल रिपोर्ट के आधार पर लोन दिए गए हैं। वहीं, शाहबेरी के खरीदारों का कहना है कि बैंकों ने होम लोन आरबीआई के नियमों का उल्लंघन कर दिए हैं। पुलिस को संबंधित बैंक अधिकारियों पर कार्रवाई करनी चाहिए थी। ऐसा नहीं होने की वजह से ही हम मामले की जांच सीबीआई और ईडी से कराने की मांग कर रहे हैं।