- उत्तराखंड बेरोजगार संघ ने लगाया नियमों का उल्लंघन करने का आरोप
माई सिटी रिपोर्टर
देहरादून। उत्तराखंड बेरोजगार संघ ने नियमों को ताक पर रख आउटसोर्सिंग एजेंसियों के माध्यम से प्रदेश में बैकडोर नियुक्ति करने का आरोप लगाया है। संघ ने इन नियुक्तियों का नियमितीकरण रोकने की मांग की है।
शुक्रवार को प्रेस क्लब में पत्रकारों से बात करते हुए संघ के अध्यक्ष राम कंडवाल ने कहा, प्रदेश में उपनल, पीआरडी व अन्य आउटसोर्सिंग एजेंसियों के माध्यम से विभिन्न विभागों में निरंतर बैकडोर नियुक्तियां की जा रही हैं। यह प्रक्रिया भारत के संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) और अनुच्छेद 16 (समान अवसर का अधिकार) के उल्लंघन के समान है। कहा, सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने उमा देवी बनाम कर्नाटक राज्य (10 अप्रैल 2006) के ऐतिहासिक फैसले में स्पष्ट रूप से कहा है कि सरकारी विभागों में अनियमित, अस्थायी या बैकडोर नियुक्तियों को नियमित करना न तो संविधान के अनुरूप है और न ही यह प्रक्रिया जारी रखी जानी चाहिए।
इसके बावजूद उत्तराखंड सरकार की ओर से आउटसोर्सिंग एजेंसियों के माध्यम से असीमित प्रकार की नियुक्तियां कराई जा रही हैं। मांग करते हुए कहा, सभी बैकडोर नियुक्तियों पर तत्काल रोक लगाई जाए और रिक्त पदों पर सीधी भर्ती यूकेएसएसएससी व यूकेपीएससी और वैधानिक भर्ती संस्थाओं के माध्यम से नियमित प्रक्रिया से कराई जाए।