ग्रेटर नोएडा। लंबे अंतराल के बाद जिला प्रशासन ने बकायेदार बिल्डरों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। कुर्क संपत्ति पर नोटिस चस्पा करने के बाद बुधवार को सदर तहसील की टीम ने सात बिल्डरों से सवा तीन करोड़ रुपये की वसूली की है। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश भूसंपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा), ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और अन्य विभाग के रिकवरी सर्टिफिकेट (आरसी) पर की गई है।
एसडीएम सदर प्रसून द्विवेदी ने बताया कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण, यूपी रेरा, विद्युत विभाग की अलग-अलग आरसी पर सवा तीन करोड़ रुपये की वसूली की गई। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की आरसी पर ओमेक्स लिमिटेड 1.23 करोड़ और कावेरी टेक्नो बिल्ड लिमिटेड से एक करोड़ रुपये की वसूली की गई है। वहीं यूपी रेरा की आरसी पर ग्रीनवे इंफ्रास्ट्रक्चर से 62.20 लाख, ओएसिस रियलटेक प्राइवेट लिमिटेड से 22.20 लाख, सॉलिटेयर रियल इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड से दो लाख और न्यूटेक प्रमोटर्स एंड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड से 5.25 लाख वसूला गया है। वहीं माही बिल्डहोम प्राइवेट लिमिटेड से वाहन कर के 53486 रुपये की वसूली की गई है। उन्होंने बताया कि बकायेदारों के खिलाफ वसूली का अभियान जारी रहेगी। कुछ बिल्डरों की संपत्ति को पहले जब्त किया जा चुका है। उसकी नीलामी की जाएगी। उसके लिए शासन से ई-नीलामी के आदेश का इंतजार किया जा रहा है।