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Noida News: क्लब की सेवा न देने के मामले में पुनर्विचार याचिका खारिज

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जिला उपभोक्ता आयोग : सदस्यता लेने बाद भी होटल की बुकिंग देने से किया था इन्कार
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संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा।
दंपती द्वारा रॉयल्स क्लब इंटरनेशनल पर सेवाएं न देने, गुमराह करने और गलत ट्रेड प्रैक्टिस अपनाने के आरोपों के साथ दायर पुनर्विचार याचिका को जिला उपभोक्ता आयोग ने खारिज कर दिया। आयोग ने कहा कि समीक्षा याचिका के जरिये मामले की दोबारा सुनवाई या साक्ष्यों का पुनर्मूल्यांकन नहीं किया जा सकता। आयोग के अध्यक्ष अनिल कुमार पुंडीर और सदस्य अंजु शर्मा ने सुनवाई की।
ग्रेटर नोएडा निवासी नीरज जैन और स्नेह लता ने आयोग में दायर पुनर्विचार आवेदन में कहा था कि रॉयल्स क्लब इंटरनेशनल ने सदस्यता लेने के बावजूद होटल बुकिंग देने से इन्कार किया और ब्लैक आउट डेट का हवाला देकर सेवाएं रोकीं, जबकि अनुबंध में ऐसी किसी शर्त का उल्लेख नहीं था। शिकायतकर्ताओं का आरोप था कि कई बार बुकिंग अनुरोध भेजने के बावजूद उन्हें जवाब नहीं मिला और उपलब्ध होटल व तारीखों की जानकारी भी साझा नहीं की गई। याचिका में यह भी कहा गया कि क्लब ने होटल नेटवर्क और सुविधाओं को लेकर भ्रामक जानकारी देकर उन्हें सदस्यता लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने मेंबरशिप रद्द कर धन वापसी की मांग की तो रकम लौटाने में देरी की गई। 45 हजार रुपये की राशि को तीन साल की नई सदस्यता में समायोजित कर दिया गया। शिकायतकर्ताओं ने अपने पक्ष में ई-मेल और भुगतान रसीदों का हवाला भी दिया। आयोग ने आदेश में कहा कि उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा-40 के तहत पुनर्विचार का अधिकार सीमित है और केवल रिकॉर्ड में स्पष्ट त्रुटि होने पर ही आदेश की समीक्षा की जा सकती है।
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आयोग ने कहा कि शिकायतकर्ता मूल आदेश में दिए गए निष्कर्षों पर अलग दृष्टिकोण अपनाने की मांग कर रहे हैं, जो पुनर्विचार का आधार नहीं बनता। साक्ष्यों और तथ्यों के मूल्यांकन से जुड़े विवाद अपीलीय मंच पर उठाए जा सकते हैं। रिकॉर्ड में कोई प्रत्यक्ष त्रुटि नहीं पाए जाने पर आयोग ने पुनर्विचार आवेदन खारिज कर दिया।
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