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Noida News: पाठकों को खूब भाया मेला, बिकीं सवा करोड़ की किताबें

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बलरामपुर गार्डन में चल रहे 22वें राष्ट्रीय पुस्तक मेले के अंतिम दिनरविवार को प्रकाशकों ने अंतिम
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लखनऊ। बलरामपुर गार्डन में चल रहे 22वें राष्ट्रीय पुस्तक मेले के अंतिम दिन रविवार को माहौल कुछ अलग था। स्टाॅलों पर किताबें देखने वालों से ज्यादा खरीदने वालाें की भीड़ थी। प्रकाशकों ने अंतिम दिन दिल खोलकर पुस्तकों पर छूट दी। कुछ ने तो 30 फीसदी तक छूट दे दी। अंतिम दिन 10 लाख रुपये से ज्यादा की किताबें बिकीं। पुस्तक मेले के संयोजक मनोज सिंह चंदेल के अनुसार, 11 दिन में तकरीबन सवा करोड़ की किताबों की बिक्री हुई।
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समापन समारोह में मेला मंच पर राजपाल एंड संस, राजकमल, लोकभारती, वाणी, सामयिक, भारतीय ज्ञानपीठ, प्रभात, राजकमल, सस्ता साहित्य मंडल आदि सहयोगियों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। निदेशक आकर्ष चंदेल ने सभी का आभार जताया।
मेला समिति की ओर से स्मरणांजलि कार्यक्रम हुआ, इसमें हाल ही में दिवंगत साहित्यिक विभूतियों पूर्व मुख्य सचिव डॉ. शंभुनाथ, व्यंग्यकार डाॅ. गोपाल चतुर्वेदी और साहित्यकार अनूप श्रीवास्तव के व्यक्तित्व व कृतित्व पर चर्चा हुई। पद्मश्री डाॅ. विद्या विंदु सिंह की अध्यक्षता और डाॅ. अमिता दुबे के संचालन में चले कार्यक्रम में डाॅ. सुधाकर अदीब, डीएन लाल, सूर्यकुमार पांडेय, आलोक शुक्ला और संजीव जायसवाल संजय आदि ने संस्मरण व्यक्त किए।
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दिवंगत पत्रकार डॉ. के. विक्रम राव को दी श्रद्धांजलि

दिवंगत पत्रकार डॉ. के. विक्रम राव की लेखनी और साहित्यिक सफर पर हुए कार्यक्रम में उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। के. विश्वदेव राव, शिल्पी सेन व रजत मिश्रा के संयोजन में चले कार्यक्रम में अभिनेता अनिल रस्तोगी, सूचना आयुक्त दिलीप अग्निहोत्री व पीएन द्विवेदी, वरिष्ठ पत्रकार सुधीर मिश्रा, प्रांशु मिश्रा, राजीव श्रीवास्तव, राजकुमार सिंह, डाॅ. सुधा राव, नवलकांत सिन्हा ने डाॅ. राव के पत्रकार हित में संघर्ष और लेखकीय पक्षों को उजागर किया।

पुस्तकों पर चर्चा के साथ हुआ काव्यपाठ
फोटो-

मेला मंच पर चंद्रशेखर वर्मा के गजल संग्रह ''घट रही है रोज मेरी चेहरगी'' पर चर्चा हुई। मुख्य अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार उदय प्रताप सिंह ने उन्हें संवेदनशील रचनाकार बताया। युवा नृत्यांगना स्नेहा रस्तोगी ने भरतनाट्यम और लोकनृत्य की मोहक प्रस्तुति दी। इससे पहले सुबह लक्ष्य साहित्यिक संस्था के श्याम मिश्र की अध्यक्षता में चले आयोजन में सोहेल बरेलवी की पुस्तक पर चर्चा हुई। यहां कुंवर कुशमेश, सरोज पांडेय शशांक, मनोज बाजपेई, बबर बैसवारी, आलोक सावर, कौसर रिजवी, तारिका सिह आदि ने रचनाएं पढ़ीं। साहित्यकार संसद व नमन प्रकाशन की ओर से नवीन शुक्ल के संयोजन-संचालन में चले समारोह में अध्यक्षता ओपी मिश्र ने की। रामप्रकाश बेखुद, सरवत जमाल, संजय मिश्रा शौक, कृपाशंकर विश्वास, डाॅ. शोभा दीक्षित समेत अन्य ने कविताएं पढ़ीं। शाम को अपूर्वा संस्था की ओर से सम्मान व काव्य समारोह हुआ।

कमल किशोर भावुक का सम्मान
अपूर्वा संस्था के कार्यक्रम में संयोजक संजय हमनवां ने राजेश विद्रोही सम्मान से वरिष्ठ साहित्यकार कमल किशोर भावुक को अलंकृत किया। समारोह में रवींद्र अजनबी, योगेंद्र योगी, प्रतिभा गुप्ता, कीर्ति वानी, अंकुर पाठक, अमन मिश्रा, विष्णु दुबे, अवरेंद्र अवस्थी, सेजल वैश्य, निर्भय निश्चल, ओम् शर्मा व वंदना विशेष व कमलेश मृदु मौर्य ने काव्य रस बरसाया।

बलरामपुर गार्डन में चल रहे 22वें राष्ट्रीय पुस्तक मेले के अंतिम दिनरविवार को प्रकाशकों ने अंतिम

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