कलेजे के टुकड़े पर आफत देख दहशत में आए अभिभावक
- ग्रेनो वेस्ट के डीपीएस स्कूल और एस्टर स्कूल की तीनों ब्रांच को मिला धमकी भरा ई-मेल
- दस से अधिक स्कूलों ने भी कर दी छुट्टी, बच्चों को भेजा घर, पैसिफिक वर्ल्ड स्कूल के गेट पर अभिभावक सुरक्षाकमियों से भिड़े
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा और ग्रेनो वेस्ट के स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी की खबर आग की तरह फैली। जानकारी मिलते ही अभिभावक जहां थे वहीं से सीधे स्कूल पहुंच गए। कोई जिम से, कुछ कार्यालय से तो कुछ कार्यालय के रास्ते से सीधे स्कूल की ओर मुड़ गए। ग्रेनो वेस्ट के डीपीएस स्कूल के बाहर अभिभावकों की लाइन लग गई। बच्चों के बाहर आने में देरी होने पर अभिभावकों ने गुस्सा भी दिखाया, लेकिन अपने कलेजे के टुकड़े से मिलने के बाद उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। एस्टर पब्लिक स्कूल की तीनों ब्रांच के साथ शहर के अन्य स्कूलों में भी अभिभावक बच्चों को लेने पहुंचे गए। ग्रेनो वेस्ट के पैसिफिक वर्ल्ड स्कूल में तो अभिभावकों को जबरन घुसने की कोशिश की। वहां सुरक्षाकर्मियों और अभिभावकों में धक्कामुक्की भी हुई। सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक शहर के लोग सहमे रहे। दोपहर बाद सभी बच्चे अपने-अपने घर पहुंच गए। तब सभी ने राहत की सांस ली।
पहले बिल्डिंग से निकाला बाहर, फिर बैग से किया दूर
ग्रेनो वेस्ट के डीपीएस स्कूल में जैसे ही प्रबंधन ने धमकी भरा ई-मेल देखा तुरंत बच्चों को बिल्डिंग से बाहर निकाल दिया। स्कूल में करीब 3600 बच्चे थे। उसके बाद बच्चों को बैग बिल्डिंग के बाहर रखवा दिए गए। बच्चों को मैदान में भेज दिया गया। बम निरोधक दस्ते ने आकर पहले बच्चों के बैगों की जांच की। उसके बाद बिल्डिंग में पहुंचे। स्कूल के अंदर बच्चों के बैग लाइन से रखे थे। बच्चों ने बैग वापस मांगे, लेकिन उनको बिना बैग के घर भेजा गया। बृहस्पतिवार को बच्चों के बैग लौटाए जाएंगे।
स्पैम में मिला ई-मेल, मॉक ड्रिल के बहाने बच्चों को बाहर निकाला
ग्रेनो वेस्ट के डीपीएस स्कूल के प्रबंधन ने जानकारी होने पर ई-मेल चेक किया, लेकिन इनबॉक्स में ई-मेल नहीं मिला। उसके बाद जी-मेल का स्पैम बॉक्स देखा गया। वहां धमकी भरा ई-मेल था। जो स्कूल को सुबह 6:50 बजे भेजा गया। स्कूल प्रबंधन ने तत्काल बच्चों को सुरक्षित करने का कदम उठाया। बच्चों को मॉक ड्रिल के बहाने बाहर निकाला गया। ताकि बच्चे घबराए नहीं।
बच्चे के मिलने में देरी पर अभिभावकों ने दिखाया गुस्सा
ग्रेनो वेस्ट के डीपीएस स्कूल के गेट नंबर तीन से उन बच्चों को बाहर भेजा जा रहा था। जो अभिभावकों के साथ स्कूल आते है। गेट नंबर एक से बसों के माध्यम से बच्चों को बाहर निकाला गया। वहां पर उन बच्चों के अभिभावक भी पहुंच गए। काफी इंंतजार करने के बाद जब अभिभावकों को कोई जानकारी नहीं मिली तो वह नाराज होने लगे। उन्होंने शोर मचाना शुरू कर दिया। पुलिसकर्मियों ने आकर अभिभावकों से संयम बरतने की अपील की। बच्चे बस से बाहर निकले लेकिन कई अभिभावक बच्चों को बस से उतरवाकर निजी वाहनों से ले गए।
घबराकर बच्चों को लेने पहुंचे अभिभावक
ग्रेनो के चार स्कूलों को धमकी मिली थी। सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी मिलने पर अन्य स्कूलों के अभिभावक भी परेशान हो गए। घबराए अभिभावक स्कूल पहुंच गए। मजबूरी में उन स्कूलों ने भी अभिभावकों को संदेश भेजकर बच्चों के सुरक्षित होने की जानकारी दी। साथ ही जो अभिभावक पहुंचे। उनके साथ बच्चों को भेज दिया गया। एस्टर पब्लिक स्कूल की तीनों शाखा की तरफ से अभिभावकों को संदेश भेजा गया। जिस पर तत्काल अभिभावक बच्चें को लेने पहुंच गए।
कोट
स्कूल को किसी तरह की धमकी भरा ई-मेल या सूचना नहीं मिली थी। कुछ अभिभावकों ने जबरन बच्चों को लेने के लिए स्कूल में घुसने की कोशिश की। सुरक्षाकर्मियों ने उनको रोका और समझाने का प्रयास किया। अभिभावकों का आई कार्ड देखकर बच्चों को साथ भेजा गया। साथ ही छुट्टी समय पर की गई। - मीडिया प्रभारी , पैसिफिक वर्ल्ड स्कूल, ग्रेटर नोएडा
सुबह टीवी पर धमकी वाले ई-मेल की जानकारी मिली। स्कूल का ई-मेल भी चेक किया गया। धमकी भरा ई-मेल मिलने की सूचना पुलिस को दी गई। बच्चों को बिल्डिंग से बाहर निकाल दिया गया। साथ ही समय से अभिभावकों को सूचना देकर बच्चों को सुरक्षित घर पहुंचाया गया। - मंजू वर्मा, प्रधानाचार्या, डीपीएस ग्रेनो वेस्ट
धमकी भरा ई-मेल मिलने के बाद बच्चों की सुरक्षा महत्वपूर्ण थी। बिना देरी के स्कूल को खाली कराकर बच्चों को सुरक्षित व खुले स्थान पर भेज दिया गया। बच्चों को सुरक्षित घर पहुंचाया गया। जांच में धमकी झूठी निकली। बृहस्पतिवार से स्कूल नियम खुलेगा। मुश्किल हालात में पुलिस और अभिभावकों ने पूरा सहयोग किया। - प्रीति शर्मा, प्रधानाचार्या, एस्टर स्कूल, ग्रेटर नोएडा
स्कूल को किसी तरह का ई-मेल नहीं आया था, लेकिन अभिभावक बच्चों को लेने स्कूल पहुंच गए। भीड़ देखकर पुलिस भी पहुंची। अभिभावकों के साथ बच्चों को भेजा गया। बाकी बच्चों को स्कूल की छुट्टी होने के बाद ही भेजा गया। - सुधा सिंह, प्रधानाचार्या रायन इंटरनेशनल स्कूल, ग्रेनो
हमारे स्कूल को इस तरह का मेल नहीं आया था लेकिन हमारी ओर से हर तरह की तैयारी कर ली गई थी। जिससे हरेक परिस्थिति से निपटा जा सके। अभिभावकों को सुरक्षित होने का मैसेज भी दे दिया गया था। - संध्या अवस्थी, डीपीसी ग्रेटर नोएडा