नूंह। जिला अतिरिक्त एवं सत्र न्यायाधीश रजनी यादव के कोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 10 साल की सजा सुनाई है। इसके अलावा अदालत ने दोषी पर 60 हजार रुपये का भी जुर्माना लगाया है। इसमें से 10 हजार रुपये कोर्ट के खाते में व 50 हजार रुपये की राशि दोषी को पीड़िता को देनी होगी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बीते वर्ष 24 मार्च को नूंह शहर के एक वार्ड निवासी आरोपी संदीप पुत्र बीरपाल ने अपने ही वार्ड की एक 13 वर्षीय लड़की को अपने घर पर बुलाकर दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया था। नाबालिग दिन में मेडिकल स्टोर पर दवा लेने के लिए जा रही थी। रास्ते में घर जाते समय उक्त आरोपी ने नाबालिग से कहा कि उसका भाई उनके घर पर बहुत बीमार है। इससे नाबालिग आरोपी की बातों में उसके घर पर आ गई। इसी समय आरोपी ने पीड़िता से दुष्कर्म किया। पीड़िता को आरोपी ने घटना के बाद धमकी भी दी कि अगर उसने इस बारे में किसी को बताया तो वह उन्हें जान से मार देगा। आरोपी ने पीड़िता से कहा कि उसने उसकी सारी वीडियो बना ली है। अगर ज्यादा कुछ किया तो वह इस वीडियो को वायरल कर देगा। घटना के बाद आरोपी यही नहीं रुका, वह बार-बार पीड़िता की वीडियो को वायरल करने की धमकी देने लगा।
वीडियो वायरल करने की धमकी देकर करता रहा दुष्कर्म
नाबालिग के साथ दुष्कर्म की वारदात के बाद आरोपी संदीप के नाम से उसके एक दोस्त का पीड़िता के पास फोन आया कि संदीप को पैसों की सख्त जरूरत है। आरोपी ने उसे जल्दी पैसे लेकर संदीप के घर नहीं आने पर वीडियो वायरल करने और उसके भाई को जान से मारने की धमकी दी। इससे पीड़िता ने आरोपी को 45 हजार रुपये अपने घरवालों से ले जाकर दे दिए। लेकिन इसके बाद भी आरोपी बार-बार पीड़िता को धमकी देने के साथ दुष्कर्म करता रहा। इससे परेशान होकर पीड़िता ने सारी आपबीती अपने परिजनों को बताई। परिजन पीड़िता को नूंह महिला थाने लेकर आए। जहां पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
फास्ट ट्रैक कोर्ट में चला मुकदमा
पीड़िता की शिकायत पर यह सारा मामला नूंह के जिला अतिरिक्त एवं सत्र न्यायाधीश रजनी यादव के फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया गया। इससे बुधवार को अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए दस साल की जेल व साठ हजार रुपये का जुर्माना लगाया।